जहां एक तरफ दोनों टी20 में बाकी भारतीय बल्लेबाज रन के लिए जूझते दिखे, वहीं तिलक ने दिलेरी दिखाते हुए कई शानदार शॉट्स लगाए। हालांकि, टीम इंडिया को दोनों टी20 में हार का सामना करना पड़ा।
भारत को तिलक वर्मा के रूप में मिडिल ऑर्डर में एक नया स्टार मिल गया है। कोई इस बल्लेबाज की तुलना सुरेश रैना से कर रहा है तो कोई उसकी तुलना सौरव गांगुली से कर रहा है। तिलक की सबसे खास बात यह है कि वह बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं और भारतीय टीम मैनेजमेंट पिछले काफी समय से मिडिल ऑर्डर में किसी बाएं हाथ के बल्लेबाज की तलाश कर रहा था।
विज्ञापन
तिलक ने वेस्टइंडीज के खिलाफ दोनों टी20 में शानदार पारियां खेलीं। दोनों टी20 में वह टीम इंडिया के लिए हाईएस्ट स्कोरर रहे। पहले मैच में उन्होंने 22 गेंदों में दो चौके और तीन छक्के की मदद से 39 रन की पारी खेली, तो वहीं दूसरे टी20 में 41 गेंदों में पांच चौके और एक छक्के की मदद से 51 रन बनाए। यह उनका अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पहला अर्धशतक रहा।
जहां एक तरफ दोनों टी20 में बाकी भारतीय बल्लेबाज रन के लिए जूझते दिखे, वहीं तिलक ने दिलेरी दिखाते हुए कई शानदार शॉट्स लगाए। हालांकि, टीम इंडिया को दोनों टी20 में हार का सामना करना पड़ा। दूसरे टी20 के बाद तिलक ने बताया कि उनका आदर्श कौन रहा है और किस तरह उन्होंने अर्धशतकीय पारी खेली।
विज्ञापन
रोहित और रैना हैं तिलक के आदर्श
मैच के बाद तिलक ने कहा- रोहित भाई (शर्मा) एक सपोर्ट सिस्टम रहे हैं और उन्होंने हमेशा मुझे खेल का आनंद लेने के लिए कहा है। वह हमेशा मुझे मार्गदर्शन देते हैं कि कैसे खेलना है। बचपन से मेरी प्रेरणा (सुरेश) रैना भाई और रोहित भाई हैं। मैं ज्यादातर समय रोहित भाई के साथ बिताता हूं। पहले आईपीएल में उन्होंने कहा था कि 'तिलक एक ऑल फॉर्मेट खिलाड़ी हैं' और इससे मेरा आत्मविश्वास बढ़ा।
मैच को लेकर क्या बोले तिलक वर्मा?
तिलक ने कहा- दूसरे टी20 में विकेट धीमा और दोहरी गति वाला था। इसलिए पहले तो हमने सोचा कि 150-160 एक अच्छा स्कोर होगा, लेकिन मुझे लगता है कि हम 10 रन पीछे रह गए। वेस्टइंडीज की जीत का श्रेय निकोलस पूरन को जाता है, उन्होंने वास्तव में अच्छी बल्लेबाजी की। हम जानते थे कि अगर हमें एक विकेट मिलता है तो हम मैच बचा सकते हैं, क्योंकि विकेट आसान नहीं था। पिच धीमा था। वेस्टइंडीज ने वास्तव में अच्छी गेंदबाजी की। उन्होंने धीमी गेंदों का इस्तेमाल किया और कठिन लेंथ से गेंदबाजी की। उन्होंने हवा का अच्छा उपयोग किया। इसका श्रेय उन्हें जाता है।
समायरा को लेकर क्या बोले तिलक
तिलक वर्मा ने अपना पहला अर्धशतक लगाने के बाद अपना जश्न रोहित की बेटी समायरा को डेडिकेट किया। उन्होंने मैच के बाद कहा- यह पारी रोहित भाई की बेटी सैमी को डेडिकेट था। मैं सैमी के बहुत करीब हूं। मैंने उनसे वादा किया था कि जब भी मैं शतक या अर्धशतक बनाऊंगा, मैं उनके लिए जश्न मनाऊंगा।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट आसान नहीं: तिलक वर्मा
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के बारे में बात करते हुए तिलक ने कहा- अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट आसान नहीं है। इसे बनाए रखने के लिए आपको लगातार अच्छा खेलते रहना होगा। आपको मैदान के बाहर, मैदान पर अनुशासित रहना होगा। आपको अपने काम के तरीके में अनुशासित रहना होगा। यदि आप ये सभी चीजें नियमित आधार पर करते हैं, तो आप अच्छे परिणाम मिलेंगे। मैंने जो दो आईपीएल सीजन खेले, वे मेरे करियर के लिए महत्वपूर्ण मोड़ थे। वहां पर प्रदर्शन के कारण मुझे भारतीय टीम से बुलावा आया और मैं उसी प्रदर्शन के साथ खेल रहा हूं।
तिलक भारतीय कोच राहुल द्रविड़ का भी बहुत सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा- मैं अंडर-19 विश्व कप के बाद से राहुल सर से बात कर रहा हूं। राहुल सर हमेशा कहते हैं कि अपने बेसिक्स का पालन करें और क्रीज में ज्यादा से ज्यादा समय बिताएं। वह हमेशा मुझसे कहते हैं कि 'खेल का आनंद लो'। दोनों टीमों के बीच तीसरा टी20 मैच मंगलवार को गुयाना के प्रोविडेंस स्टेडियम में ही खेला जाएगा।