सार
गौतम गंभीर ने दो टेस्ट मैचों की बजाय तीन टेस्ट मैचों की सीरीज कराने की वकालत की है, ताकि पहला टेस्ट हारने वाली टीम को वापसी और सीरीज जीतने का मौका मिल सके। उन्होंने युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन की तारीफ करते हुए कहा कि टीम में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और गहराई भारतीय क्रिकेट के लिए अच्छी बात है।
भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने दो टेस्ट मैचों की सीरीज की जगह तीन मैचों की टेस्ट सीरीज की वकालत की है। गंभीर का मानना है कि तीन मैचों की सीरीज में पहली हार के बाद भी टीम के पास वापसी करने और सीरीज जीतने का पर्याप्त मौका रहता है।
शुभमन गिल-गौतम गंभीर
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'तीन मैचों की हो टेस्ट सीरीज'
भारत और श्रीलंका के बीच फिलहाल दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेली जा रही है। भारतीय टीम पहला टेस्ट 165 रन से जीतकर सीरीज में 1-0 की बढ़त बना चुकी है। दूसरे टेस्ट से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में गंभीर ने कहा, 'आदर्श रूप से मैं तीन टेस्ट मैचों की सीरीज चाहूंगा। मेरा हमेशा से मानना रहा है कि अगर कोई टीम पहला टेस्ट हारती है तो उसके पास वापसी करने का मौका होना चाहिए।'
उन्होंने कहा कि दो टेस्ट मैचों की सीरीज में पहला मुकाबला हारने वाली टीम के पास सीरीज जीतने का कोई विकल्प नहीं बचता। वह अधिकतम सीरीज ड्रॉ ही करा सकती है। गंभीर ने 2001 की भारत-ऑस्ट्रेलिया टेस्ट सीरीज का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत ने पहला टेस्ट हारने के बावजूद शानदार वापसी की थी और सीरीज 2-1 से अपने नाम की थी।
गौतम गंभीर
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कम अंतराल में मैच खेलने को लेकर चिंतित नहीं गंभीर
- दो टेस्ट मैचों के बीच कम अंतराल को लेकर भी गंभीर ने कहा कि खिलाड़ियों को अपने शरीर को मैनेज करना आता है। उन्होंने कहा कि टीम में इसी वजह से खिलाड़ियों को जरूरत के मुताबिक वैकल्पिक अभ्यास का विकल्प दिया जाता है।
- गंभीर ने कहा कि इन परिस्थितियों में सीनियर खिलाड़ियों के लिए लगातार खेलना मुश्किल हो सकता है, इसलिए टीम मैनेजमेंट खिलाड़ियों के वर्कलोड का ध्यान रखता है। हालांकि, इसके बावजूद वह दो टेस्ट की बजाय तीन टेस्ट मैचों की सीरीज को बेहतर मानते हैं।
मानव सुथार
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युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन से खुश हैं गंभीर
पहले टेस्ट में युवा खिलाड़ियों देवदत्त पडिक्कल और मानव सुथार के शानदार प्रदर्शन से गंभीर काफी प्रभावित नजर आए। पडिक्कल ने पहली पारी में 167 रन की मैच जिताऊ पारी खेली, जबकि अपना सिर्फ दूसरा टेस्ट खेल रहे बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार ने मैच में 10 विकेट लेकर शानदार प्रदर्शन किया।
गंभीर ने कहा कि युवा खिलाड़ियों का मौका मिलते ही प्रदर्शन करना टीम के लिए बेहद संतोषजनक है। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि किसी खिलाड़ी का आकलन सिर्फ एक-दो मैचों के प्रदर्शन के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि टीम चाहती है कि युवा खिलाड़ी लंबे समय तक अच्छा प्रदर्शन करें और टेस्ट क्रिकेट की कठिन चुनौतियों के बीच खुद को साबित करें।
केएल राहुल और पडिक्कल
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टीम में बढ़ रही है प्रतिस्पर्धा
- गंभीर ने टीम में बढ़ती प्रतिस्पर्धा को सकारात्मक संकेत बताया। उन्होंने कहा कि जब ज्यादा खिलाड़ी अपनी दावेदारी पेश करते हैं तो टीम की गहराई बढ़ती है और खिलाड़ियों के बीच बेहतर प्रदर्शन करने की होड़ रहती है।
- उन्होंने पडिक्कल का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्हें मौका मिला और उन्होंने उसका पूरा फायदा उठाया।
- मानव सुथार ने भी अफगानिस्तान के खिलाफ डेब्यू के दौरान मिले मौके को भुनाया था।
- गंभीर ने साई सुदर्शन समेत अन्य प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का भी जिक्र किया और कहा कि टीम में जितनी अधिक गहराई होगी, उतना ही टीम के लिए अच्छा होगा।
यशस्वी
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यशस्वी के बार-बार कट शॉट पर गंभीर ने दिया बड़ा बयान
यशस्वी जायसवाल के बार-बार कट शॉट खेलते हुए आउट होने को लेकर भी गंभीर ने चिंता नहीं जताई। उन्होंने कहा कि किसी बल्लेबाज से उसके शॉट्स छीनना सही तरीका नहीं है। गंभीर के मुताबिक, अगर कोई खिलाड़ी किसी खास शॉट पर आउट हो रहा है तो उसे वह शॉट खेलने से रोकने के बजाय उस शॉट को बेहतर तरीके से खेलने पर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बल्लेबाजों के पास रन बनाने के लिए अपने-अपने पसंदीदा शॉट होते हैं और उनका काम खिलाड़ियों को शॉट खेलने से रोकना नहीं, बल्कि उन्हें उसमें बेहतर बनाना है।
गौतम गंभीर
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डब्ल्यूटीसी की अंक तालिका पर गंभीर का फोकस नहीं
वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) की अंक तालिका में भारत फिलहाल पांचवें स्थान पर है, लेकिन गंभीर इस स्थिति को लेकर ज्यादा चिंतित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि टीम का ध्यान सिर्फ उन चीजों पर है जिन्हें वह नियंत्रित कर सकती है। उनके मुताबिक, टीम का लक्ष्य श्रीलंका के खिलाफ दूसरा टेस्ट जीतना है और भविष्य की अंक तालिका के बारे में ज्यादा सोचने की जरूरत नहीं है।
गंभीर ने कहा, 'हम यह नियंत्रित नहीं कर सकते कि चैंपियनशिप के अंत में हम कहां होंगे। हम केवल उस एक मैच को नियंत्रित कर सकते हैं जो हमारे सामने है। हमारा ध्यान टेस्ट मैच जीतने पर है। बाकी चीजें अपने आप संभल जाएंगी।' उन्होंने खिलाड़ियों को वर्तमान पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह देते हुए कहा कि मौजूदा समय में बेहतर प्रदर्शन करने से ही भविष्य में अच्छे नतीजे हासिल किए जा सकते हैं।