कोहली, पुजारा और रहाणे की तिकड़ी से टीम इंडिया को काफी उम्मीदें हैं।
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दूसरी ओर, अगर भारतीय टीम की बात करें तो एल्गर से ज्यादा टेस्ट मैच 5 खिलाड़ियों ने खेले हैं। इनमें ईशांत शर्मा, विराट कोहली, चेतेश्वर पुजारा, अजिंक्य रहाणे और रविचंद्रन अश्विन हैं। ईशांत ने 105, विराट ने 97, पुजारा 92, अश्विन 81 और रहाणे ने 79 टेस्ट मैच खेले हैं। डीकॉक से ज्यादा टेस्ट तो मोहम्मद शमी के नाम हैं। उन्होंने 54 मुकाबलों में टीम इंडिया का प्रतिनिधित्व किया है।
2. तेज गेंदबाजी तिकड़ी में भारतीय टीम दक्षिण अफ्रीका से मजबूत
हाल के दिनों में यह देखा गया है कि जिस टीम के पास तीन मजबूत तेज गेंदबाज होते हैं उसे दक्षिण अफ्रीका में जीत मिलती है। इस मामले में अफ्रीकी टीम ही सबसे आगे रहती थी। उसके पास एक समय एलन डोनाल्ड, शॉन पोलॉक और मखाया एनटिनी की तिकड़ी थी। फिर डेल स्टेन, मोर्ने मोर्केल और वर्नोन फिलैंडर ने यह जिम्मेदारी संभाली। मौजूदा समय में दक्षिण अफ्रीकी टीम के पास तेज गेंदबाजी तिकड़ी नहीं है। कगिसो रबाडा का साथ देने के लिए अलग-अलग गेंदबाजों को आजमाया गया है, लेकिन वे लगातार नहीं खेल सके।
बुमराह, शमी और सिराज की तिकड़ी तहलका मचा सकती है।
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ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड की टीम अफ्रीकी जमीन पर इसलिए जीत सकी क्योंकि उसके पास बेहतरीन तेज गेंदबाजी तिकड़ी रही है। दक्षिण अफ्रीका ऐसी जगह नहीं है जहां आपको फायदा उठाने के लिए पहली पारी में 400 से अधिक रन बनाने की जरूरत हो। आपको अगर पहली पारी में 300 से ज्यादा रन भी बना लेते हैं तो विपक्षी को दबाव में ला सकते हैं। भारत के पास इस बार जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी और मोहम्मद सिराज की तिकड़ी है। इनके अलावा ईशांत शर्मा और उमेश यादव भी मौका मिलने पर अपने अनुभव से कमाल कर सकते हैं।
हाल ही में श्रीलंका जैसी अपेक्षाकृत कमजोर टीम दक्षिण अफ्रीका में सीरीज जीतने में सफल रही है। श्रीलंका ऐसा करने वाली पहली एशियाई टीम बनी थी। उसके पास विश्वा फर्नांडो, कसुन रजिथा और सुरंगा लकमल जैसे अनुभवहीन तेज गेंदबाज थे, लेकिन तीनों ने मिलकर अफ्रीकी टीम को नेस्तनाबूद कर दिया। तीनों में दो टेस्ट मैचों की सीरीज में दक्षिण अफ्रीका को 235, 259, 222 और 128 रन पर ऑलआउट किया।
भारत ने पिछली सीरीज में न्यूजीलैंड को हराया है।
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