भारतीय टीम के बल्लेबाजी कोच सिंताशु कोटक ने कोलकाता की पिच को लेकर छिड़े विवाद पर मुख्य कोच गौतम गंभीर का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों का अपना एजेंडा होता है। दरअसल, ईडन गार्डन्स पर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेले गए पहले टेस्ट मैच में भारत को करारी शिकस्त मिली थी। इसके बाद गंभीर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पिच को सही ठहराया और कहा कि यह बिल्कुल वही पिच थी जो हमने मांगी थी।
गंभीर ने क्यों दिया ऐसा बयान?
गंभीर के इस बयान पर क्रिकेट जगत के तमाम दिग्गजों ने सवाल खड़े किए। अब टीम के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने इस विषय पर खुलकर बात की है। उन्होंने बताया कि गंभीर ने ऐसा बयान पिच क्यूरेटर्स को बैकलैश से बचाने के लिए दिया था। कोटक ने कहा, 'गौतम ने कहा कि उन्होंने दोष अपने ऊपर ले लिया क्योंकि वह नहीं चाहते थे कि क्यूरेटर दोष लें। जब हम घर में खेलते हैं तो हम स्पिन पर भरोसा करते हैं। हम आमतौर पर उम्मीद करते हैं कि मैच चार से साढ़े चार दिन तक चलेगा और स्पिन को भी थोड़ी मदद मिलेगी। पहले और दूसरे दिन तेज गेंदबाज गेम में बने रहते हैं।'
पिच पर क्या बोले कोटक?
भारत को ईडन गार्डन्स की चुनौतीपूर्ण पिच पर 30 रन की हार का सामना करना पड़ा, जिसके साथ मेहमान टीम ने दो मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त ले ली। कोटक ने आगे कहा कि ईडन गार्डन्स की पिच उम्मीद से बहुत पहले खराब हो गई थी। उन्होंने कहा, 'पिछले गेम में जो हुआ, उसकी उम्मीद नहीं थी। पहले दिन के बाद, पिच टूटने लगी। क्यूरेटर भी ऐसा नहीं चाहता था। स्पिन की उम्मीद थी, लेकिन उतनी नहीं, और निश्चित रूप से पहले दिन या दूसरे दिन की सुबह तो बिल्कुल नहीं।'
कोटक ने टर्निंग ट्रैक पर बैटिंग के टेक्निकल पहलुओं पर भी बात की, और फुटवर्क और इरादे की अहमियत पर जोर दिया। उन्होंने कहा, 'ऐसे विकेट पर, आपका फुटवर्क अच्छा होना चाहिए। अगर आप अच्छी लेंथ चुनते हैं आगे या पीछे, तो आप कहीं भी बैटिंग कर सकते हैं। बहुत ज्यादा डिफेंसिव होने से भी आप आउट हो सकते हैं क्योंकि बॉलर लगातार एक ही एरिया में हिट करते रहते हैं।'
कोटक ने दिया गंभीर का साथ
इस दौरान कोटक ने गंभीर का समर्थन किया। उन्होंने कहा, 'लोग सिर्फ गौतम गंभीर के बारे में बात कर रहे हैं। कोई यह नहीं बता रहा कि बल्लेबाज ने क्या किया या बल्लेबाजी कोच क्या बेहतर कर सकते थे। जिन मैचों में हम हारते हैं, उनमें सब कुछ गंभीर के बारे में हो जाता है। हो सकता है कि कुछ लोगों का अपना एजेंडा हो, जो बहुत बुरा है।'