भारत ने 2007 में पहला टी20 विश्व कप जीता था और आखिरी आईसीसी खिताब 2013 में महेंद्र सिंह धोनी की अगुआई में दक्षिण अफ्रीका में चैम्पियंस ट्रॉफी जीती थी । पिछले साल भारत में वनडे विश्व कप फाइनल में टीम आस्ट्रेलिया से हार गई थी। हालांकि, इस फाइनल में टीम इंडिया ने कोई चूक नहीं की। हालांकि, फाइनल में भारत की बैटिंग और बॉलिंग, दोनों में एक वक्त ऐसा आया था जब लगा कि मैच भारत के हाथ से निकल जाएगा।
भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 34 रन पर तीन विकेट गंवा दिए थे। हालांकि, इसके बाद विराट कोहली (76) ने अक्षर पटेल (47) और शिवम दुबे के साथ गजब की बल्लेबाजी की। विराट ने अक्षर के साथ 72 रन और शिवम के साथ 57 रन की साझेदारी निभाई और टीम इंडिया को चैंपियन बनने में मदद की। ऐसा ही गेंदबाजी के समय हुआ था, जब हेनरिक क्लासेन ने अपनी तूफानी बल्लेबाजी से मैच को दक्षिण अफ्रीका के पाले में डाल ही दिया था। तभी हार्दिक पांड्या, जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह ने कमाल की गेंदबाजी की दक्षिण अफ्रीका के जबड़े से जीत छीन ली।
आइए जानते हैं क्या हुआ था...
दरअसल, 14 ओवर में दक्षिण अफ्रीका ने चार विकेट पर 123 रन बना लिए थे। 15वें ओवर में कप्तान रोहित ने अक्षर पटेल को गेंद सौंपी। इस ओवर में क्लासेन ने चौके से शुरुआत की और कुल दो चौके और दो छक्के लगाते हुए 24 रन बटोरे। 15 ओवर के बाद दक्षिण अफ्रीका का स्कोर चार विकेट पर 147 रन बना लिए थे। हर फैंस इस वक्त कप्तान रोहित के अक्षर को गेंदबाजी देने को कोस रहा था। तब क्लासेन 22 गेंद में 49 रन और डेविड मिलर 14 रन बनाकर क्रीज पर थे। यही वो पल था जहां से मैच बदल गया।
अब सारा दारोमदार हार्दिक पांड्या पर था। आखिरी ओवर में उन्हें 16 रन बचाने थे। हार्दिक ने फैंस को निराश नहीं किया और पहली ही गेंद पर मिलर को सूर्यकुमार के हाथों कैच कराया। मिलर 21 रन बना सके। दूसरी गेंद पर रबाडा ने चार रन बटोरे। तीसरी गेंद पर रबाडा ने एक रन लिया। चौथी गेंद पर महाराज ने एक रन लिया। इसकी अगली गेंद वाइड रही। पांचवीं गेंद पर हार्दिक ने रबाडा को आउट किया। आखिरी गेंद पर एक रन आया और भारत ने सात रन से जीत हासिल की। मैच जीतते ही हार्दिक घुटने के बल बैठ गए और रोने लगे। कुछ महीने पहले तक हार्दिक को काफी आलोचना मिल रही थी और मुंबई इंडियंस का कप्तान बनने पर उन्हें आलोचना मिल रही थी। वहीं, इस मैच को जिताकर वह नेशनल हीरो बन गए। कप्तान रोहित ने खुद आकर हार्दिक को चूमा और उनका आभार जताया। आखिरी 30 गेंद में दक्षिण अफ्रीका की टीम 30 रन नहीं बना सकी और चोक कर गई। 20 ओवर के बाद दक्षिण अफ्रीका का स्कोर आठ विकेट पर 169 रन था और भारतीय टीम ने इस मैच को सात रन से जीता।