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IND vs SA: अभिषेक शर्मा पर फूटा उथप्पा का गुस्सा, पूर्व खिलाड़ी से तुलना कर बोले- उनसे निरंतरता की उम्मीद नहीं

Sat, 09 Nov 2024 12:00 AM IST
Mayank Tripathi स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, डरबन

सार

इस मैच में दक्षिण अफ्रीका ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला लिया और भारत को बल्लेबाजी का न्योता दिया। इस दौरान भारतीय टीम की शुरुआत शानदार हुई। संजू सैमसन ने दमदार शुरुआत दिलाने की कोशिश की, लेकिन अभिषेक प्रभावित नहीं कर सके।
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भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका - फोटो : @ProteasMenCSA
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विस्तार
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दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ जारी पहले टी20 मैच में भारत के सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा एक बार फिर प्रभावित नहीं कर सके। उनके बल्ले से रन निकलना तो दूर की बात है, वह विकेट पर रुकने के लिए संघर्ष करते दिखे। इस मैच में युवा बल्लेबाज सिर्फ सात रन बना पाए और पवेलियन लौट गए। यह पहला मौका नहीं है जब अभिषेक छोटी पारी खेलकर पवेलियन लौटे। इससे पहले बांग्लादेश के खिलाफ भी वह फ्लॉप रहे थे। अब रॉबिन उथप्पा ने उनके प्रदर्शन पर चर्चा की। 
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पिछली चार पारियों में नहीं चला अभिषेक का बल्ला
इस मैच में दक्षिण अफ्रीका ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला लिया और भारत को बल्लेबाजी का न्योता दिया। इस दौरान भारतीय टीम की शुरुआत शानदार हुई। संजू सैमसन ने दमदार शुरुआत दिलाने की कोशिश की, लेकिन अभिषेक प्रभावित नहीं कर सके। वह एक चौके की मदद से सिर्फ सात रन बना पाए और पवेलियन लौट गए। बांग्लादेश के खिलाफ भी वह सिर्फ 16, 15 और चार रन बना पाए थे। 

अभिषेक पर आया उथप्पा का बयान
उनकी इस पारी पर अब रॉबिन उथप्पा का बयान आया। उन्होंने कहा कि अभिषेक शर्मा से निरंतरता की उम्मीद करना अनुचित है। उन्होंने मांग की, युवा सलामी बल्लेबाज को टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शीर्ष क्रम में स्वतंत्रता के साथ खेलने की अनुमति दी जानी चाहिए। पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने अभिषेक शर्मा की तुलना 2000 के दशक के शुरुआती दौर के वीरेंद्र सहवाग से करते हुए कहा कि युवा खिलाड़ी के योगदान को मापा जाना चाहिए न कि निरंतरता से।
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'मैं निरंतरता के बारे में बहुत ज्यादा चिंता नहीं करता'
उथप्पा ने कहा- मैं उनके जैसे किसी खिलाड़ी से बहुत ज्यादा निरंतरता की उम्मीद नहीं करता हूं। मैं उन्हें जितना संभव हो उतना स्वतंत्र छोड़ना चाहता हूं, जैसे शायद 2000 के दशक की शुरुआत में वीरेंद्र सहवाग थे, जब लोग कहते थे कि बस जाओ और मौज करो क्योंकि अगर वह आता है, तो वह मैच जीतने वाला शतक या 80 रन बनाता है। अगर वह जल्दी शुरुआत करता है, तो वह अभी भी टीम के लिए उद्देश्य पूरा कर रहा है। जब अभिषेक की बात आती है तो मैं निरंतरता के बारे में बहुत ज्यादा चिंता नहीं करता।
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