भारतीय क्रिकेट टीम के सलामी बल्लेबाज केएल राहुल दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में बतौर उपकप्तान शुरुआत करने जा रहे हैं। उन्हें चोटिल रोहित शर्मा की जगह टीम का उपकप्तान बनाया गया है। हैमस्ट्रिंग की चोट के चलते रोहित इस दौरे से हट गए हैं। साउथ अफ्रीका दौरे पर गई विराट कोहली की टीम में राहुल ही सबसे उपयुक्त थे जिन्हें उपकप्तान की जिम्मेदारी सौंपी गई। कर्नाटक से ताल्लुक रखने वाले इस बल्लेबाज ने इंग्लैंड के खिलाफ चार टेस्ट की आठ पारियों में 315 रन बनाए थे। अब दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज शुरू होने में दो दिन बाकी हैं। ऐसे में केएल राहुल ने टेस्ट क्रिकेट खेलने को लेकर खुलासा किया है।
2014 में किया था टेस्ट डेब्यू
केएल राहुल ने साल 2014 में टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया था। वह अब तक 40 टेस्ट मैच खेल चुके हैं जिनमें उनके बल्ले से 2321 रन निकले हैं। इस दौरान उन्होंने छह शतक और12 अर्धशतक लगाए। टेस्ट में उनका औसत 35.16 रहा है। दक्षिण अफ्रीका दौरे पर टेस्ट की उपकप्तानी देना जिसका मतलब सभी फॉर्मेट में खेलने वाले राहुल को भविष्य का कप्तान माना जा रहा है।
इंग्लैंड में बोला राहुल का बल्ला
वैसे टेस्ट क्रिकेट में राहूल टीम के अंदर बाहर होते रहे। लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए चार टेस्ट मैचों में उन्होंने जिस तरह प्रदर्शन किया उससे उन्हें लाइफलाइन मिली। ट्रेंट ब्रिज में खेले गए पहले मैच में राहुल ने 84 और 26 रनों की पारियां खेलीं। इसके बाद लॉर्ड्स टेस्ट में उन्होंने पहली पारी में शानदार शतक जड़ा। राहुल ने यह भी कहा था कि वह इंग्लैंड के खिलाफ ऐसा प्रदर्शन करेंगे उम्मीद नहीं थी, जब तक कि चीजें जल्दी से बदल नहीं जातीं।
कभी सोचा नहीं था कि दोबारा टेस्ट क्रिकेट खेलूंगा
बीसीसीआई ने एक वीडियो शेयर किया है। जिसमें केएल राहुल कह रहे हैं छह सात महीने या एक साल पहले मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं दोबारा भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट खेलूंगा, चीजें जल्दी बदल गईं और मैं बहुत खुश हूं कि इस दौरे के लिए उप-कप्तान के रूप में मुझे इतनी बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। मैं अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए उत्सुक हूं। बॉक्सिंग डे टेस्ट के बारे में उन्होंने कहा मेरी कड़वी-मीठी यादे हैं। मैंने ऑस्ट्रेलिया में बॉक्सिंग डे टेस्ट में डेब्यू किया, लेकिन वह अच्छा नहीं रहा। मैंने फिर टीम से अपनी जगह खो दी, मुझे लगा कि यह मेरे लिए अंत है, मुझे लगता है कि मैं खेल के प्रति अपने दृष्टिकोण में अधिक संतुलित हो गया हूं। 2014 में जब मैंने पदार्पण किया था और 2018 में जिस तरह से खेला उससे मैंने बहुत कुछ बदल दिया है।