भारत के अनुभवी बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा एक बार फिर से फेल हो गए हैं। सेंचुरियन में खेले जा रहे पहले टेस्ट की पहली पारी में वे शून्य पर आउट हो गए। पुजारा चार टेस्ट की सात पारियों में दूसरी बार खाता नहीं खोल सके। उन्हें लुंगी एनगिडी ने कीगन पीटरसन के हाथों कैच कराया। शून्य पर आउट होते ही पुजारा ने अपने नाम टेस्ट क्रिकेट का एक शर्मनाक रिकॉर्ड दर्ज करा दिया।
पुजारा नंबर तीन पर बल्लेबाजी करते हुए सबसे ज्यादा बार शून्य पर आउट होने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने इस मामले में पूर्व क्रिकेटर दिलीप वेंगसकर का रिकॉर्ड तोड़ दिया। पुजारा नंबर तीन पर खेलते हुए नौवीं पर खाता नहीं खोल सके। वेंगसरकर आठ बार शून्य पर पवेलियन लौटे थे। वहीं, टीम इंडिया के मौजूदा कोच और पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ इस मामले में तीसरे पायदान पर हैं। वे सात बार तीसरे नंबर पर खेलते हुए खाता खोल पाने में कामयाब नहीं हो सके थे।
पिछले चार टेस्ट में पुजारा का प्रदर्शन
| खिलाफ |
पहली पारी |
दूसरी पारी |
कुल रन |
| इंग्लैंड |
4 |
61 |
65 |
| न्यूजीलैंड |
26 |
22 |
48 |
| न्यूजीलैंड |
0 |
47 |
47 |
| दक्षिण अफ्रीका |
0 |
बल्लेबाजी बाकी |
0 |
अच्छी शुरुआत के बाद कोहली आउट
पुजारा के बाद कोहली ने अपनी पारी की अच्छी शुरुआत की, लेकिन 35 रन बनाकर एनगिडी का शिकार बन गए। उन्होंने लोकेश राहुल के साथ तीसरे विकेट के लिए 171 गेंद पर 82 रनों की साझेदारी की। इसमें कोहली ने 35 और राहुल ने 43 रनों का योगदान दिया। विराट एनगिडी की बाहर जाती गेंद को खेलने के प्रयास में वियान मूल्डर को स्लिप में कैच थमा बैठे।
विराट ने जब अपना पिछला शतक बांग्लादेश के खिलाफ लगाया था तब उनका औसत 54.97 था। इन दो सालों में उनका औसत पांच अंक नीचे गिरा है। इस दौरान विराट ने 14 टेस्ट मैच खेले हैं। 24 पारियों में उन्होंने 634 रन बनाए। 74 रन उनका उच्चतम स्कोर और औसत 26.41 का रहा है। विराट ने पांच अर्धशतक जड़े हैं।