चेतेश्वर पुजारा-अजिंक्य रहाणे
- फोटो : सोशल मीडिया
चेतेश्वर पुजारा-अजिंक्य रहाणे
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रहाणे विदेशी मैदान पर टीम के संकटमोचक
अगर अजिंक्य रहाणे की बात करें तो उन्हें विदेशी मैदानों पर टीम का संकटमोचक कहा जाता है। इस बात को कई बार उन्होंने साबित भी किया है। यही कारण है कि इस बार लगातार खराब प्रदर्शन के बावजूद उन्हें अफ्रीकी दौरे पर ले जाया गया है। अजिंक्य रहाणे का साल बेहद खराब रहा है। उनके कम स्कोर के कारण प्रशंसकों ने पूछा कि वह अभी भी टीम में क्यों हैं? दक्षिण अफ्रीका दौरा उनके लिए चयनकर्ताओं के भरोसे को सही साबित करने का एक मौका है।
रहाणे ने पिछले 12 टेस्ट में सिर्फ दो अर्धशतक लगाए
रहाणे के पिछले शतक की बात की जाए तो उन्होंने भी पुजारा की तरह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ही लगाया था। भारत के पूर्व उपकप्तान ने मेलबर्न में पिछले साल 26 दिसंबर को 112 रन की पारी की खेली थी। उसके बाद से 360 दिन हो गए हैं, लेकिन रहाणे ने शतक नहीं लगाया है। इस दौरान उन्होंने 12 टेस्ट में सिर्फ दो अर्धशतक लगाए हैं।
रहाणे का हालिया 5 टेस्ट में प्रदर्शन
| जगह |
खिलाफ |
पहली पारी |
दूसरी पारी |
कुल रन |
| कानपुर |
न्यूजीलैंड |
35 |
4 |
39 |
| ओवल |
इंग्लैंड |
14 |
0 |
14 |
| लीड्स |
इंग्लैंड |
18 |
10 |
28 |
| लॉर्ड्स |
इंग्लैंड |
1 |
61 |
62 |
| नॉटिंघम |
इंग्लैंड |
5 |
बल्लेबाजी नहीं की |
5 |
पुजारा-रहाणे पर क्यों बढ़ रहा दबाव?
- कप्तान विराट कोहली को पुजारा और रहाणे पर बहुत ज्यादा भरोसा है। इसी कारण उन्हें लगातार मौके भी मिल रहे हैं।
- पुजारा अर्धशतक तो लगा रहे हैं, लेकिन शतक नहीं लगा पाने का दबाव उन पर साफ देखा जा रहा है। रहाणे तो अर्धशतक भी नहीं लगा पा रहे।
- युवा खिलाड़ी सूर्यकुमार यादव, शुभमन गिल, श्रेयस अय्यर और प्रियांक पांचाल लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।
- युवाओं के कारण अनुभवी पुजारा-रहाणे पर दबाव बढ़ रहा है। उनकी उम्र भी अब उनके साथ नहीं है।
- क्रिकेट विशेषज्ञ तो यहां तक कह रहे हैं कि पुजारा-रहाणे की तकनीक में समस्या है। उनका मानना है कि दोनों को घरेलू स्तर पर खेलकर उसे पहले ठीक करना चाहिए।