भारतीय टीम दक्षिण अफ्रीका में टेस्ट सीरीज के बाद वनडे सीरीज में भी हार चुकी है। टीम इंडिया इसके बाद वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे और टी20 सीरीज घरेलू मैदान पर खेलेगी। विंडीज के खिलाफ सीरीज के लिए टीम का चयन जल्द ही होने वाला है। दक्षिण अफ्रीका दौरे पर गए तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार और ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन को वनडे टीम से बाहर किया जा सकता है।
दक्षिण अफ्रीका दौरे पर वनडे सीरीज के लिए चुने गए तेज गेंदबाजों में भुवनेश्वर कुमार सबसे अनुभवी थे। टीम को उनसे बेहतरीन प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन उन्होंने निराश किया। भुवनेश्वर पार्ल में खेले गए दोनों वनडे में काफी महंगे साबित हुए हैं। उन्होंने पहले मैच 64 रन लुटाए थे तो दूसरे वनडे में 67 रन दे दिए। इस दौरान भुवनेश्वर कुमार को एक सफलता भी नहीं मिली।
गावस्कर भी भुवनेश्वर से निराश
भारत के महानतम बल्लेबाज सुनील गावस्कर भी उनके प्रदर्शन से निराश हुए। गावस्कर ने तो यहां तक कह दिया कि दीपक चाहर को उनके स्थान पर लगातार मौके देना चाहिए। पूर्व भारतीय कप्तान का मानना है कि टीम इंडिया को अब 2023 में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप के लिए टीम को तैयार करना चाहिए। भुवनेश्वर में पहले जैसी धार नहीं रही और दीपक भी उन्हीं की तरह स्विंग गेंदबाज हैं।
भुवनेश्वर का पिछले छह मैचों में प्रदर्शन
| फॉर्मेट |
खिलाफ |
प्रदर्शन |
| वनडे |
दक्षिण अफ्रीका |
0/67 |
| वनडे |
दक्षिण अफ्रीका |
0/64 |
| टी20 |
न्यूजीलैंड |
0/12 |
| टी20 |
न्यूजीलैंड |
1/39 |
| टी20 |
न्यूजीलैंड |
2/24 |
| टी20 |
पाकिस्तान |
0/25 |
अश्विन की चार साल बाद हुई थी वापसी
2017 में अश्विन वनडे में टीम इंडिया की योजना से बाहर हो गए थे। वॉशिंगटन सुंदर इंग्लैंड दौरे पर चोटिल हो गए थे। वे आईपीएल के दूसरे चरण में भी नहीं खेल पाए थे। सुंदर की जगह ऑफ स्पिन विकल्प के तौर पर अश्विन को पहले टी20 और फिर वनडे टीम में शामिल किया गया। हालांकि, लगातार मौके मिलने के बाद भी वे सीमित ओवरों में प्रभावित नहीं कर पाए। अश्विन ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दो वनडे में सिर्फ एक ही विकेट ले सके। इस तरह के प्रदर्शन के बाद माना जा रहा है कि अश्विन वनडे टीम से बाहर हो सकते हैं।
मांजरेकर ने की थी आलोचना
भारत के पूर्व ओपनर संजय मांजरेकर ने भी वनडे टीम में उनकी वापसी पर सवाल उठाए। मांजरेकर ने कहा कि अब भारतीय चयनकर्ताओं को समझ आ गया होगा कि यह गेंदबाज सीमित ओवरों के लिए उपयोगी नहीं है। उन्होंने कहा कि सीरीज की शुरुआत से ही मैं कह रहा हूं कि उन्हें बिना किसी योजना के ही सीमित ओवरों की टीम में शामिल किया गया है। वे टेस्ट में ज्यादा प्रभावी हैं लेकिन सीमित ओवरों में नहीं।