पावरप्ले में ही मैच हाथ से निकला
पाकिस्तान की हार की नींव पहले छह ओवरों में ही पड़ गई थी। टीम ने पावरप्ले के अंदर चार विकेट गंवा दिए, जो टी20 विश्व कप में दूसरी बार हुआ जब पाकिस्तान ने शुरुआती छह ओवरों में चार विकेट खोए। टॉप-3 बल्लेबाजों का कुल योग सिर्फ 10 रन रहा, जो टी20 विश्व कप में उनका सबसे खराब प्रदर्शन है और भारत के खिलाफ भी सबसे कम। पहले ओवर में ही साहिबजादा फरहान खाता खोले बिना हार्दिक पांड्या का शिकार बने। इसके बाद जसप्रीत बुमराह ने अपने पहले ही ओवर में सईम अयूब (6) और कप्तान सलमान अली आगा (4) को पवेलियन भेजकर पाकिस्तान की कमर तोड़ दी। बाबर आजम भी 5 रन बनाकर अक्षर पटेल की गेंद पर बोल्ड हो गए। 4.5 ओवर में स्कोर 34/4 था और मैच लगभग भारत की पकड़ में आ चुका था।
स्पिन की चर्चा, लेकिन कहर बरपाया पेस ने
मैच से पहले चर्चा थी कि स्पिन गेंदबाजी अहम भूमिका निभाएगी, लेकिन भारत ने शुरुआत से ही तेज गेंदबाजों पर भरोसा किया। पाकिस्तान के शुरुआती तीन विकेट पूरी तरह पेस अटैक ने झटके। आंकड़े बताते हैं कि पावरप्ले में अच्छी लेंथ (6-8 मीटर) और शॉर्ट गेंदों पर पाकिस्तान के बल्लेबाज सबसे ज्यादा संघर्ष करते दिखे। भारतीय गेंदबाजों ने लगातार सही एरिया में गेंदबाजी कर बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।
स्पिनर्स ने की दबाव बनाने की कोशिश
ईशान के आउट होते ही रनगति धीमी पड़ गई। नवाज और उस्मान तारिक ने किफायती ओवर डालकर भारत पर दबाव बनाया। कप्तान सूर्यकुमार यादव ने 32 रन की पारी खेली, लेकिन वह बड़े शॉट लगाने में ज्यादा सफल नहीं हो पाए। शिवम दुबे (27) और तिलक वर्मा (25) ने योगदान दिया, मगर लगातार विकेट गिरने से टीम अंतिम ओवरों में खुलकर नहीं खेल सकी।
बीच के ओवरों में भी नहीं मिली स्थिरता
उस्मान खान (44 रन, 34 गेंद) ने जरूर कुछ आक्रामक शॉट खेलकर जवाबी हमला करने की कोशिश की, लेकिन दूसरे छोर से उन्हें समर्थन नहीं मिला। शादाब खान (14), शाहीन अफरीदी (23 नाबाद) और फहीम अशरफ (10) के अलावा कोई भी बल्लेबाज प्रभाव नहीं छोड़ सका। सात बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू पाए। मिडिल ऑर्डर पूरी तरह दबाव में दिखा। नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे। 10.4 ओवर में 73/5, 12.1 ओवर में 77/8 और 17.6 ओवर में पूरी टीम 114 पर सिमट गई। रन रेट 6.33 रहा, जो 176 के लक्ष्य के सामने बेहद कम था।
भारतीय गेंदबाजों का सामूहिक प्रदर्शन
भारत के लिए हार्दिक पांड्या, जसप्रीत बुमराह, अक्षर पटेल और वरुण चक्रवर्ती ने दो-दो विकेट लिए। कुलदीप यादव और तिलक वर्मा को भी एक-एक सफलता मिली। खास बात यह रही कि भारतीय गेंदबाजों ने किसी एक बल्लेबाज को टिककर साझेदारी बनाने का मौका नहीं दिया।
पावरप्ले में विकेट खोकर भी भारत ने नहीं मानी हार
भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में सात विकेट पर 175 रन बनाए। एक समय टीम 200 के पार जाती दिख रही थी, लेकिन बीच के ओवरों में लगे झटकों ने रनगति पर ब्रेक लगा दिया। पाकिस्तान की ओर से 20 में से 18 ओवर स्पिनर्स से कराना इस मुकाबले में चर्चा का विषय रहा। शुरुआत में भारत को झटका जरूर लगा जब सलमान आगा ने अभिषेक शर्मा को पहले ही ओवर में आउट कर दिया। हालांकि इसके बाद ईशान किशन ने आक्रामक अंदाज अपनाते हुए मैच का रुख बदल दिया। तिलक वर्मा के साथ मिलकर उन्होंने पावरप्ले में तेजी से रन बटोरे। शाहीन अफरीदी के ओवर में 15 रन और अंत में 11 रन के ओवर ने भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। छह ओवर के बाद स्कोर 52/1 था और ईशान पूरी तरह लय में दिख रहे थे।
ईशान ने बनाया दबाव
मिडिल ओवर्स में भारत की पारी अपने चरम पर पहुंची। ईशान किशन ने अबरार के ओवर में लगातार तीन चौके जड़कर दबाव पूरी तरह पाकिस्तान पर डाल दिया। शादाब खान के ओवर में 17 रन आए और ऐसा लगने लगा कि भारत 200 के करीब पहुंच जाएगा। ईशान ने सिर्फ 40 गेंदों पर 77 रन की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 10 चौके और तीन छक्के शामिल थे। लेकिन 13वें ओवर में सईम अयूब ने उन्हें आउट कर पाकिस्तान को बड़ी सफलता दिलाई। यही वह मोड़ था जहां से मैच का रुख थोड़ा बदला।
आखिरी में रिंकू का बल्ला गरजा
डेथ ओवर्स में भारत को तेज फिनिश की जरूरत थी। रिंकू सिंह ने चार गेंदों पर 11 रन बनाकर कुछ राहत जरूर दी, लेकिन टीम 175 रन तक ही पहुंच सकी। एक समय जो स्कोर 190-200 की ओर जाता दिख रहा था, वह मिडिल और डेथ ओवरों में आई सुस्ती के कारण सीमित रह गया।
स्पिनर्स के भरोसे आया पाकिस्तान
पाकिस्तान की रणनीति साफ नजर आई। उन्होंने 20 में से 18 ओवर स्पिनर्स से कराए और कुल छह स्पिन गेंदबाजों का इस्तेमाल किया। शुरुआत में ईशान के आक्रामक रुख के सामने यह रणनीति असरदार नहीं दिखी, लेकिन मिडिल ओवर्स में स्पिन ने ही भारत की रफ्तार रोकी। कुल मिलाकर भारत ने अच्छी शुरुआत और मजबूत मिडिल फेज के दम पर प्रतिस्पर्धी स्कोर खड़ा किया, लेकिन बीच के ओवरों में लगे झटकों और धीमी रनगति के कारण टीम बड़ा स्कोर खड़ा करने से चूक गई।