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IND vs PAK: मुशर्रफ ने सचिन से मिलाया था हाथ, लेकिन इस खिलाड़ी को दिया बड़ा सम्मान, नाम जानकर हो जाएंगे हैरान

Sat, 05 Aug 2023 08:53 PM IST
रोहित राज स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

2004 दौरे की बेहतरीन यादों को टीम के मीडिया मैनेजर अमृत माथुर ने अपनी किताब 'पिचसाइड: माय लाइफ इन क्रिकेट' में जिल्दबंद किया है। दौरे में भारत ने पांच वनडे और तीन टेस्ट मैच खेले थे। भारत ने वनडे सीरीज 3-2 से और टेस्ट सीरीज 2-1 से अपने नाम की थी।
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2004 में भारतीय खिलाड़ियों के साथ पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ - फोटो : सोशल मीडिया
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बात भारतीय क्रिकेट टीम के 2004 के पाकिस्तान दौरे की है। उस दौरे में भारतीय क्रिकेटर लक्ष्मीपति बालाजी का प्रदर्शन बेहतरीन रहा था। आलम यह था कि पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ ने भारतीय क्रिकेटर के जज्बे को सलाम किया था और उन्हें एक अपनी टीम के लिए लड़ने वाला महान सैनिक बताया था। उस दौरे की बेहतरीन यादों को टीम के मीडिया मैनेजर अमृत माथुर ने अपनी किताब 'पिचसाइड: माय लाइफ इन क्रिकेट' में जिल्दबंद किया है। दौरे में भारत ने पांच वनडे और तीन टेस्ट मैच खेले थे। भारत ने वनडे सीरीज 3-2 से और टेस्ट सीरीज 2-1 से अपने नाम की थी।
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लक्ष्मण ने लिखे बैट पर खिलाड़ियों के नाम
किताब में माथुर जिक्र करते हैं, भारतीय टीम ने रावलपिंडी में दूसरा वनडे 12 रन से जीत लिया। मुशर्रफ ने इस्लामाबाद स्थित राष्ट्रपति भवन में टीम इंडिया को खाने पर बुलाया। भारतीय टीम ने मुशर्रफ को एक बैट तोहफे के रूप में दिया था, जिसमें खिलाड़ियों के नाम लिखे थे। लक्ष्मण की लिखावट साथी क्रिकेटरों में सबसे साफ-सुथरी थी। इस वजह से सभी क्रिकेटरों के नाम उन्होंने लिखे थे। जब मुशर्रफ से खिलाड़ी मिलने गए थे तो खिलाड़ियों के मोबाइल बस में ही रखने को कहा गया था। बल्ले को पहले सुरक्षा जांच के लिए भेजा गया था। बाद में अंदर भवन में सुपुर्द किया गया था।

मुशर्रफ ने सचिन से किया फोटो का आग्रह
खाने की दावत में कुछ इंतजार के बाद पाकिस्तानी राष्ट्रपति मुशर्रफ आए। खिलाड़ियों की उनसे मुलाकात कराई गई। भारतीय दिग्गज सचिन तेंदुलकर से मुशर्रफ ने बड़ी गर्मजोशी से लंबे समय तक हाथ मिलाया। टीम इंडिया ने जनरल को बीसीसीआई की ओर से स्मृति चिन्ह और ऑटोग्राफ वाला बैट भेंट किया। मुशर्रफ ने भारतीय टीम का शुक्रिया अदा किया। मुशर्रफ ने प्रोटोकॉल को तोड़ दिया और भारतीय क्रिकेटरों से लंबे समय तक बातचीत की। सचिन के साथ आग्रह करके फोटो खिंचाई और लक्ष्मीपति बालाजी की पीठ थपथपाई। इसके अलावा पार्थिव पटेल से भी देर तक बतियाए। तेंदुलकर की प्रशंसा की और शोएब मलिक को आउट करने के लिए मोहम्मद कैफ के शानदार कैच का उल्लेख किया जिसने कराची में पहला वनडे भारत के पक्ष में कर दिया।
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वाघा बॉर्डर पर दूसरी तरफ बैठी थी भारतीय टीम
उस दौरे में भारतीय क्रिकेटरों ने वाघा बॉर्डर पर रिट्रीट सेरेमनी को भी देखा। हालांकि विडंबना यह थी कि भारतीय क्रिकेट टीम पाकिस्तान की तरफ बैठी थी। पर तनाव या असुविधा की कोई बात थी नहीं। पाकिस्तानी नागरिक भारतीय क्रिकेटरों का स्वागत कर रहे थे। जल्द ही भारतीय नागरिकों ने भी दूसरी तरफ बैठे अपने क्रिकेटरों को देख लिया। लाहौर और अमृतसर दोनों तरफ भारतीय क्रिकेटरों का उत्साहवर्द्धन हुआ। लाहौर यूनिवर्सिटी की लड़कियों का एक दल भी आया हुआ था। उन्होंने बालाजी का हौसला बढ़ाया लेकिन युवा क्रिकेटर शर्माते नजर आए।

किताब के अनुसार बालाजी का कहना था कि मुझे समझ नहीं आ रहा था कि क्या करूं। कहीं छिप जाना चाहता था। इस दौरे के बीच मीडिया मैनेजर माथुर राहुल द्रविड़, इरफान पठान, अजित अगरकर और बालाजी के साथ लाहौर यूनिवर्सिटी के एक सेमिनार भी गए वहां भी विद्यार्थियों ने बालाजी को लेकर बड़ा क्रेज दिखा। उस दौरे में बालाजी एक रॉकस्टार बन गए थे। बाद में बालाजी ने मजाकिया अंदाज में कमेंट किया था, ये सब तो ठीक है लेकिन चेन्नई में तो मुझे कोई नहीं जानता।
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