भारतीय मूल के लेग स्पिनर आदित्य अशोक को न्यूजीलैंड की प्लेइंग 11 में रविवार को शामिल किया गया है। वह भारत और न्यूजीलैंड के बीच जारी तीन वनडे मैचों की सीरीज के पहले मुकाबले में खेलते नजर आ रहे हैं। यह मैच वडोदरा के कोताम्बी स्टेडियम पर खेला जा रहा है।
तमिलनाडु में जन्मे
आदित्य अशोक का जन्म तमिलनाडु के वेल्लोर में हुआ था। वह चार साल की उम्र तक भारत में रहे, इसके बाद उनके माता-पिता बेहतर करियर अवसरों की तलाश में ऑकलैंड शिफ्ट हो गए। न्यूजीलैंड में रहते हुए आदित्य ने क्रिकेट को गंभीरता से अपनाया और ऑकलैंड के घरेलू क्रिकेट सिस्टम से निकलकर अपनी पहचान बनाई।
अंडर-19 से सीनियर टीम तक का सफर
आदित्य अशोक ने 2020 के अंडर-19 विश्व कप में न्यूजीलैंड का प्रतिनिधित्व किया। दिसंबर 2021 में उन्होंने ऑकलैंड के लिए अपना प्रोफेशनल टी20 डेब्यू किया और जल्द ही तीनों फॉर्मेट में टीम के नियमित सदस्य बन गए। 2022-23 सीजन उनके करियर का टर्निंग पॉइंट रहा, जब शानदार प्रदर्शन के चलते उन्हें न्यूजीलैंड यंग क्रिकेटर ऑफ द ईयर चुना गया।
अंतरराष्ट्रीय करियर और चोट की चुनौती
आदित्य को पहली बार यूएई दौरे के लिए न्यूजीलैंड की सीनियर टीम में बुलाया गया, जहां उन्होंने एक टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेला। इसके कुछ महीनों बाद उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ वनडे डेब्यू किया। हालांकि, इसके बाद आई बैक इंजरी के कारण उन्हें लंबे समय तक क्रिकेट से दूर रहना पड़ा। अब तक वह तीन अंतरराष्ट्रीय मैचों में दो विकेट ले चुके हैं।
रजनीकांत कनेक्शन भी है खास
आदित्य अशोक तमिल सुपरस्टार रजनीकांत के बड़े प्रशंसक हैं। उनके हाथ पर तमिल में एक टैटू भी बना है। इसमें लिखा है, 'En vazhi thani vazhi',(मेरा रास्ता अलग है) जो काफी मशहूर है। यह मशहूर डायलॉग रजनीकांत की फिल्म पदयप्पा से लिया गया है। इस डायलॉग का उनके जीवन में खास महत्व है, क्योंकि यही वह आखिरी फिल्म थी जो उन्होंने अपने दिवंगत दादा के साथ देखी थी।