न्यूजीलैंड ने भारत को तीसरे टेस्ट मैच में 25 रनों से हराकर 0-3 से सीरीज अपने नाम कर ली। मुंबई में खेले गए इस मैच से जुड़ा एक मामला अब चर्चा का विषय बना हुआ है। इसमें अब रोहित शर्मा की भी एंट्री हो गई है। दरअसल, लक्ष्य का पीछा कर रही भारतीय टीम के लिए ऋषभ पंत संकटमोचक बने हुए थे। तभी पारी के 22वें ओवर में तीसरे अंपायर ने मैदानी अंपायर का फैसला पलटते हुए उन्हें आउट करार दिया। इस पर अब हिटमैन ने मैच के बाद चर्चा की।
तीसरे अंपायर के फैसले पर भड़के रोहित
इस मुकाबले में ऋषभ पंत का विकेट भारत के लिए नुकसानदायी रहा। मैदानी अंपायर ने उन्हें नॉट आउट दिया था, लेकिन न्यूजीलैंड ने डीआरएस की मांग की और रिव्यू के बाद तीसरे अंपायर ने फैसला पलटते हुए आउट घोषित कर दिया। इस मुद्दे पर अब रोहित शर्मा ने खुलकर बात की। उन्होंने कहा- ईमानदारी से कहूं तो मुझे नहीं पता। अगर हम कुछ कहते हैं तो उसे अच्छी तरह से स्वीकार नहीं किया जाता है। अगर कोई निर्णायक सबूत नहीं है, तो फैसला ऑन-फील्ड अंपायर के फैसले के साथ ही खड़ा रहना चाहिए। मुझे यही बताया गया है। मुझे नहीं पता कि फैसला कैसे पलट गया। बल्ला स्पष्ट रूप से पैड के करीब था।
हिटमैन बोले- हर टीम के लिए एक ही नियम होना चाहिए
उन्होंने आगे कहा- मुझे नहीं पता कि मेरे लिए इस बारे में बात करना सही है या नहीं। यह अंपायरों के लिए सोचने वाली बात है। हर टीम के लिए एक ही नियम होना चाहिए, मन बदलते रहना ठीक नहीं है। हमारे नजरिए से यह आउट बहुत महत्वपूर्ण था। ऋषभ बहुत अच्छा खेल रहे थे और लग रहा था कि वह हमें जीत दिलाएंगे, लेकिन यह एक दुर्भाग्यपूर्ण आउट था।
क्या था मामला?
147 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने 29 रन पर पांच विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद पंत ने रवींद्र जडेजा के साथ मिलकर भारतीय पारी को संभाला। दोनों ने छठे विकेट के लिए 42 रन की साझेदारी निभाई। जडेजा छह रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद पंत ने लगातार दूसरा और टेस्ट करियर का 14वां अर्धशतक जड़ा। उन्होंने 48 गेंद में पचास रन पूरे किए। न्यूजीलैंड और जीत के बीच में बस पंत खड़े थे। जहां एक तरफ एजाज विकेट ले रहे थे, वहीं दूसरी तरफ पंत उनकी खूब धुनाई कर रहे थे। 22वें ओवर की चौथी गेंद पर पंत ने शॉट लगाने की कोशिश की, लेकिन गेंद उनके पैड से लगकर ब्लंडेल के हाथों में गई।
ऑनफील्ड अंपायर ने पंत को नॉटआउट दिया। इस पर न्यूजीलैंड ने रिव्यू लिया। थर्ड अंपायर पॉल राइफल ने रीप्ले में देखा कि गेंद जिस वक्त बैट के पास से गुजर रही है, तब स्निकोमीटर में स्पाइक दिख रहे। हालांकि, उसी वक्त पंत का बल्ला भी पैड पर लगा था। राइफल ने इसको कई बार रिव्यू किया और उन्हें लगा कि गेंद बल्ले से लगकर दिशा बदल रही है। इस दौरान पंत मैदानी अंपायर को कहते रहे कि बैट पैड पर लग रहा। हालांकि, तीसरे अंपायर ने एक नहीं सुनी और कैच आउट का फैसला सुनाया और पंत का वापस जाना पड़ा। पंत ने 57 गेंद में नौ चौके और एक छक्के की मदद से 64 रन की पारी खेली। उनका आउट होना ही टर्निंग पॉइंट साबित हुआ और फिर बाकी टीम भी ढह गई।