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जसप्रीत बुमराह की फॉर्म से ज्यादा कहीं फिटनेस में तो नहीं है असली दिक्कत?

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जसप्रीत बुमराह - फोटो : ट्विटर
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तीन वन-डे मैच की सीरीज भारत गंवा चुका है। माउंट मॉनगनुई में खेले गए तीसरे वन-डे मैच में भारतीय टीम 296 रन का स्कोर डिफेंड नहीं कर पाई। न्यूजीलैंड की टीम ने 48वें ओवर की पहली ही गेंद पर 5 विकेट खोकर ये लक्ष्य हासिल कर लिया। लगातार तीसरी जीत के साथ ही न्यूजीलैंड की टीम ने टी-20 सीरीज में 5-0 से मिली करारी हार का बदला भी ले लिया।

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सीरीज शुरू होने के पहले विराट कोहली ने ‘बदला’ शब्द से परहेज की बात कही थी। बावजूद इसके पांच टी-20 मैचों में मिली हार के बाद लगातार तीन वन-डे मैच की जीत को बदला ही कहा जाएगा। सवाल ये है कि क्या 296 रन का स्कोर इतना छोटा होता है कि मैच 17 गेंद पहले ही जीत लिया जाए? शायद नहीं, बल्कि इस हार के पीछे की कई वजहों में से एक वजह है विराट कोहली के तुरूप के पत्ते का न चलना। ये तुरूप के पत्ता हैं जसप्रीत बुमराह। जो भारतीय गेंदबाजी यूनिट के कप्तान भी माने जाते हैं। 

आगे बढ़ने से पहले आपको याद दिला दें कि सीरीज के पहले वनडे में भी भारतीय टीम 347 रन का स्कोर डिफेंड नहीं कर पाई थी। उस मैच में भी न्यूजीलैंड की टीम ने 11 गेंद पहले ही जीत हासिल कर ली थी। इन दोनों मैचों में जसप्रीत बुमराह के प्रदर्शन पर गौर करना होगा। साथ ही साथ उनके प्रदर्शन से उठने वाले तमाम सवालों पर भी चर्चा करनी होगी।

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वन-डे सीरीज में नहीं मिला एक भी विकेट

जसप्रीत बुमराह - फोटो : ट्विटर
सीरीज के पहले मैच में जसप्रीत बुमराह ने 10 ओवर में 53 रन दिए। उन्हें कोई विकेट नहीं मिला। दूसरे वनडे में उन्होंने 10 ओवर में 64 रन दिए। दूसरे टी-20 में वो टीम के सबसे महंगे गेंदबाज साबित हुए। इस मैच में भी उन्हें कोई विकेट नहीं मिला था। मंगलवार को खेले गए तीसरे टी-20 मैच में भी जसप्रीत बुमराह के हाथ कोई कामयाबी नहीं आई। इस बार भी उन्होंने 10 ओवर में पचास रन दिए।

इस तरह वन-डे सीरीज में जसप्रीत बुमराह ने 5.56 की इकॉनमी रेट से रन दिए और उन्हें कोई भी विकेट नहीं मिला। पिछले करीब दो साल में ऐसा शायद ही कभी हुआ होगा कि जसप्रीत बुमराह किसी सीरीज से खाली हाथ लौटे हों।

टी-20 सीरीज और वनडे सीरीज के नतीजों के फर्क में ये बड़ा पहलू है। टी-20 सीरीज में जसप्रीत बुमराह ने 6 विकेट झटके थे। उन्होंने 6.45 की इकॉनमी से गेंदबाजी की थी। टी-20 सीरीज में वो भारत के दूसरे सबसे कामयाब गेंदबाज थे।
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बुमराह क्या मैच फिट हैं?

जसप्रीत बुमराह - फोटो : social media
ये एक बड़ा सवाल है। इसका जवाब टीम मैनेजमेंट और जसप्रीत बुमराह को देना होगा। टी-20 का फॉर्मेट अलग होता है जहां ज्यादातर मैचों में गेंदबाज को एक स्पेल में दो ओवर करने होते हैं। बाकी बचे दो ओवर भी वो दो अलग अलग स्पेल में करता है। वन-डे में अमूमन एक साथ चार ओवर फेंकने होते हैं।

बुमराह अभी बैक इंजरी से लौटे हैं। वन-डे सीरीज के दौरान उनकी गेंदबाजी में ‘निप’ नहीं दिखाई दिया। उनकी गेंदबाजी में वो खतरनाक यॉर्कर मिसिंग थी जिसके बलबूते वो दुनिया के बड़े-बड़े बल्लेबाजों को परेशान करते थे।

हालिया मैचों में उनकी गेंदबाजी को देखकर लगा कि उन्होंने अपना रन-अप भी थोड़ा कम किया है। रन-अप कम करने का असर गेंदबाजी पर पड़ेगा ही पड़ेगा। ये सारे बदलाव इस तरफ इशारा करते हैं कि क्या जसप्रीत बुमराह मैच फिट हैं। निश्चित तौर पर ये सवाल वन-डे फॉर्मेट के संदर्भ में है। ये सवाल और ज्यादा प्रासंगिक इसलिए हो जाता है क्योंकि 21 तारीख से भारतीय टीम को टेस्ट सीरीज में उतरना है। पहला टेस्ट मैच वेलिंग्टन में खेला जाना है।

टेस्ट मैच में गेंदबाज पर पड़ने वाला गेंदबाजी का दबाव अलग होता है। लंबे-लंबे स्पेल करने होते हैं। क्या ऐसा तो नहीं होने जा रहा है कि जसप्रीत बुमराह को विराट कोहली पहले टेस्ट मैच में आराम दें। क्योंकि अगर पहले टेस्ट मैच से बुमराह को आराम मिलता है तो करीब 18 दिन का समय उनके पास होगा।

इस आशंका में अगर थोड़ा भी दम है तो विराट कोहली, टीम मैनेजमेंट और खुद जसप्रीत बुमराह को पारदर्शिता दिखानी होगी क्योंकि अक्टूबर में होने वाले टी-20 विश्व कप में अगर टीम इंडिया जीत के ख्वाब देख रही है तो उसके लिए जसप्रीत बुमराह का फिट रहना बहुत जरूरी है।
 
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें  blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।
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