भारतीय टीम के ऑलराउंडर नीतीश रेड्डी न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे वनडे मैच में प्रभावित नहीं कर सके। नीतीश को वाशिंगटन सुंदर की जगह प्लेइंग-11 में शामिल किया गया था। वाशिंगटन चोट के कारण वनडे सीरीज से बाहर हो गए थे जिसके बाद नीतीश को एकादश में मौका मिला। हालांकि, नीतीश इस मौके का फायदा नहीं उठा सके और उन्होंने 20 रन बनाए। गेंदबाजी में भी उन्होंने दो ओवर किए और एक भी विकेट नहीं ले सके। नीतीश के इस प्रदर्शन के बाद उन्हें ट्रोल किया जा रहा था, लेकिन अब नीतीश को पूर्व खिलाड़ियों का साथ मिला है।
सहायक कोच ने नीतीश पर की थी टिप्पणी
पूर्व खिलाड़ियों आकाश चोपड़ा, रॉबिन उथप्पा और मनोज तिवारी ने कहा कि नीतीश को मौका दिया जाना चाहिए और क्रिकेट जगत को जल्दबाजी में उन्हें लेकर कोई फैसला नहीं करना चाहिए। दरअसल, मैच के बाद भारत के सहायक कोच रेयान टेन डोएशे ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि मौके मिलने के बावजूद नीतीश अक्सर बड़ा प्रभाव डालने में नाकाम रहे हैं। इन टिप्पणियों से इस युवा खिलाड़ी की भूमिका को लेकर बहस छिड़ गई।
उथप्पा, चोपड़ा और तिवारी ने क्या कहा?
- उथप्पा ने कहा, ऑलराउंडर बनना आसान नहीं है। आपको दो कौशल में महारत हासिल करनी होती है। रवींद्र जडेजा रातों-रात ऐसे नहीं बने, ना ही हार्दिक पांड्या। वे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बिताए समय की वजह से पूर्ण खिलाड़ी बने। नीतीश रेड्डी को भी उस समय की जरूरत है।’
- आकाश चोपड़ा ने कहा कि रेड्डी को प्रभाव डालने के लिए काफी मौके नहीं दिए गए हैं। चोपड़ा ने कहा, हम उसे नंबर सात पर बल्लेबाजी करवाते हैं जहां उसे सीमित मौके मिलते हैं और वह बहुत कम ओवर गेंदबाजी करता है। अगर आप मौके नहीं देते हैं तो किसी भी युवा क्रिकेटर के लिए असर डालना मुश्किल हो जाता है जब तक कि आप सलामी बल्लेबाज या नई गेंद के गेंदबाज नहीं हों
- पूर्व भारतीय क्रिकेटर से राजनेता बने मनोज तिवारी को लगता है कि रेड्डी की फॉर्म में गिरावट मेलबर्न में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपना पहला अंतरराष्ट्रीय शतक बनाने के बाद शुरू हुई। तिवारी ने कहा, उस पारी के बाद नीतीश के प्रदर्शन में गिरवाट शुरू हुई। अधिक जश्न ने शायद उसे प्रभावित किया हो। अब उनके लिए बेसिक्स पर लौटने और सब कुछ ठीक करने का समय है। भारत में तेज गेंदबाजी करने वाले ऑलराउंडर बहुत कम हैं।
तिवारी ने रोहित का किया बचाव
तिवारी ने रोहित शर्मा की मैच फिटनेस को लेकर हालिया चर्चाओं के बीच उनका भी बचाव किया। उन्होंने कहा, 'रोहित शर्मा सीमित ओवरों के क्रिकेट के दिग्गज हैं और उन्होंने भारत के लिए किसी और से अधिक मैच और पुरस्कार जीते हैं। रोहित जैसे खिलाड़ी को कम नहीं आंका जा सकता।' उन्होंने चेतावनी दी कि कोचिंग स्टाफ की टिप्पणियां एक सीनियर खिलाड़ी के आत्मविश्वास को ठेस पहुंचा सकती हैं।