टी20 विश्व कप 2026 में भारत की ऐतिहासिक जीत के बाद भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन ने अपनी सफलता का बड़ा श्रेय महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर से मिली सलाह को दिया है। सैमसन ने बताया कि पिछले कुछ महीनों से उनकी सचिन से लगातार बातचीत हो रही थी और उस मार्गदर्शन ने उन्हें मुश्किल समय से बाहर निकलने में काफी मदद की।
संजू सैमसन
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सचिन की सलाह आई काम
सैमसन को शानदार प्रदर्शन के लिए टूर्नामेंट का प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में तीन अर्धशतक लगाए और भारतीय टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। मैच के बाद सैमसन ने भावुक होते हुए कहा, 'यह किसी सपने जैसा लग रहा है। मैं बहुत खुश हूं और आभारी भी। शब्द कम पड़ रहे हैं। भावनाएं संभालना मुश्किल हो रहा है। मेरे तीन अर्धशतकों की बात करें तो सच कहूं तो इसकी शुरुआत एक-दो साल पहले ही हो गई थी। 2024 विश्व कप में मैं टीम का हिस्सा था, लेकिन मुझे खेलने का मौका नहीं मिला।'
संजू ने आगे कहा, 'तब से मैं लगातार खुद को उन पलों में देखने की कोशिश कर रहा था और मेहनत कर रहा था। न्यूज़ीलैंड सीरीज़ के बाद मैं पूरी तरह टूट गया था। ऐसा लग रहा था जैसे मेरे सारे सपने बिखर गए हों। लेकिन शायद भगवान ने कुछ और ही तय कर रखा था। पिछले कुछ महीनों से मेरी सचिन सर से लगातार बात हो रही थी। मैंने ही उनसे संपर्क किया था और हमारे बीच लंबी बातचीत हुई। उनके जैसा मार्गदर्शन मिल जाए तो इससे बड़ी बात क्या हो सकती है।'
संजू सैमसन ने जीत के बाद ऊपर वाले को इस अंदाज में धन्यवाद कहा
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'जिन्होंने मेरा साथ दिया, सबका आभार'
सैमसन ने कहा कि कई पूर्व खिलाड़ियों ने भी मुश्किल समय में उनसे संपर्क कर मदद करने की कोशिश की। उन्होंने कहा, 'जिन लोगों ने मेरा साथ दिया, मैं उन सभी का दिल से आभारी हूं। बड़े सपने देखने की हिम्मत करने का मुझे इनाम मिला है। अभी यह मेरे लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है और फिलहाल मैं बस इस पल का आनंद लेना चाहता हूं।'
भारत बना चैंपियन
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तीसरी बार विजेता बना है भारत
भारतीय टीम तीन बार टी20 विश्व कप का खिताब अपने नाम कर चुकी है। भारत ने 2007 में महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में पाकिस्तान को हराकर खिताब अपने नाम किया था। वहीं, 2024 में टीम ने रोहित शर्मा की अगुआई में दक्षिण अफ्रीका को हराकर ट्रॉफी अपने नाम की थी। अब भारत ने सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में न्यूजीलैंड को हराकर तीसरी बार खिताब जीत लिया है। टूर्नामेंट के इतिहास में अब तक कोई भी टीम खिताब का बचाव नहीं कर सकी थी, लेकिन भारत ने यह कारनामा करके दिखाया।