आक्रामक बल्लेबाज दीपक हुड्डा का मानना है कि जब उन्हें गेंदबाजों के अनुकूल हालात में नई गेंद का सामना करने की जिम्मेदारी दी गई तो उन्होंने एक योद्धा की तरह स्थिति को अपनाया। हुड़्डा के अनुसार उनके पास शीर्ष क्रम में बल्लेबाजी करने की चुनौती का सामना करने के अलावा अन्य कोई विकल्प नहीं था। दीपक ने आयरलैंड के खिलाफ दूसरे टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में 57 गेंद में 104 रन की शानदार पारी खेली। तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए हुड्डा खेल के छोटे प्रारूप में शतक लगाने वाले चौथे भारतीय हैं। उनसे पहले सुरेश रैना, रोहित शर्मा व केएल राहुल यह कारनामा कर चुके हैं।
योद्धा की तरह रवैया क्यों नहीं अपनाएं
27 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा कि कभी अंतरराष्ट्रीय मैच में पारी का आगाज नहीं किया लेकिन शीर्ष क्रम का बल्लेबाज होने के कारण आपको चुनौतियों का सामना करना होता है। अगर आपके पास कोई विकल्प नहीं है तो फिर आप योद्धा की तरह रवैया क्यों नहीं अपनाते। जैसा सोचा, वैसी चीजें पक्ष में रहीं। इसको लेकर खुशी है।
भारतीय टीम में जगह बनाना आसान नहीं
ऑलराउंडर ने स्वीकार किया कि भारतीय टीम में जगह बनाना और फिर उसे बरकरार रखना आसान नहीं है। उन्होंने कहा कि जब आप भारत की ओर से खेलते हो तो कभी अपने बारे में नहीं सोचते, बल्कि टीम का विचार आता है।