टेस्ट और वनडे प्रारूप में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान मिताली राज ने 17 साल की विस्फोटक बल्लेबाज शैफाली वर्मा का सभी प्रारूपों की टीम में चयन का स्वागत किया है। साथ ही कहा कि घरेलू सीरीज में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हार के बाद इंग्लैंड दौरे में जीत से वापसी करना अहम होगा।
भारतीय टीम को इंग्लैंड दौरे में एक टेस्ट के अलावा तीन वनडे और इतने ही टी20 खेलने हैं। अगले साल न्यूजीलैंड में वनडे विश्व कप भी खेला जाना है। ऐसे में वनडे मैच काफी महत्वपूर्ण हो गए हैं।
हरियाणा की युवा बल्लेबाज शैफाली का दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे टीम में शामिल होना बड़ी चर्चा का केंद्र बना था। पिछले 18 महीनों में इस बल्लेबाज ने अपने को सीमित ओवरों में स्थापित कर लिया है। मिताली ने कहा कि शैफाली को टेस्ट और वनडे में भी मौका देना एक अच्छा कदम है।
टेस्ट कप्तान ने कहा, युवाओं को मौका देना और समर्थन करना जरूरी
ऐसी प्रतिभाओं को बड़ी समझदारी के साथ लेकर चलना होता है। उनका तीनों प्रारूपों में होना एक मजबूत पक्ष है। हमें देखना होगा कि टेस्ट और वनडे में वह कैसा प्रदर्शन करती हैं। सीमित ओवरों की सीरीज में ओपनिंग पर स्मृति मंधाना और शैफाली के उतरने की संभावना है। शैफाली के अलावा अन्य युवा 17 साल की रिचा घोष को भी टीम में शामिल किया गया।
मिताली का मानना है कि हमें युवाओं को निखरने के लिए मौका देना होगा और उस समय उनका समर्थन भी करना होगा जबकि वे संघर्ष कर रहे होंगे। अनुभव बांटना अलग चीज है लेकिन उन्हें चमकने के लिए मंच देना और समझ हासिल करने देना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
जीत की राह पर वापसी जरूरी
मिताली ने कहा कि भारतीय टीम के लिए जीत की राह पर वापसी करना जरूरी है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारत ने 12 महीनों में पहली सीरीज खेली थी और उसे वनडे और टी20 दोनों में हार का सामना करना पड़ा था।
विश्व कप से पहले टीम को इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड से खेलना है। मिताली ने कहा कि विश्व कप से पहले बड़ी टीमों के साथ खेलने से ज्यादा बेहतर तैयारी नहीं हो सकती। इंग्लैंड दौरे में टीम लय हासिल कर सकती है।
‘पहली चीज है कि आप जीत की राह पर वापसी करो। पिछली सीरीज हमारे लिए अच्छी नहीं रही। जब आप जीतना शुरू कर देते हो तो अलग स्तर पर पहुंच जाते हो।’-मिताली राज, भारतीय कप्तान