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IND vs ENG: भारतीय टीम के कोचिंग स्टाफ पर लटकी तलवार, क्या डेशकाटे-मोर्केल पर गिरेगी गाज? अगरकर भी निशाने पर

Mon, 28 Jul 2025 09:36 PM IST
Mayank Tripathi स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मैनचेस्टर

सार

रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) 2025 एशिया कप के बाद और अक्तूबर में वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत की अगली टेस्ट सीरीज से पहले भारतीय टीम के कोचिंग स्टाफ में बदलाव कर सकता है। इनमें बीसीसीआई का निशाना रेयान टेन डेशकाटे और मोर्ने मोर्केल पर है।
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मोर्केल-डेशकाटे-अगरकर - फोटो : ANI
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विस्तार
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इंग्लैंड दौरे पर भारतीय गेंदबाजों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है जबकि बल्लेबाजों ने अब तक खेले चारों मुकाबलों में प्रभावित किया है। भारत और इंग्लैंड के बीच जारी पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में फिलहाल मेजबान टीम 1-2 से आगे है। आखिरी मुकाबला 31 जुलाई से द ओवल में खेला जाना है। इससे पहले भारतीय टीम को कोचिंग स्टाफ में बदलाव की खबरें आ रही हैं।
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गंभीर के कोचिंग स्टाफ पर गिर सकती है गाज
टेलीग्राफ की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) 2025 एशिया कप के बाद और अक्तूबर में वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत की अगली टेस्ट सीरीज से पहले भारतीय टीम के कोचिंग स्टाफ में बदलाव कर सकता है। इनमें बीसीसीआई का निशाना रेयान टेन डेशकाटे और मोर्ने मोर्केल पर है। रिपोर्ट के अनुसार, दोनों को टीम से बाहर किया जा सकता है। बता दें कि, मोर्ने मोर्केल भारतीय टीम के गेंदबाजी कोच हैं जबकि रेयान टेन डेशकाटे मुख्य कोच गौतम गंभीर के सहायक हैं।

नायर को पहले ही हटाया जा चुका
उल्लेखनीय है कि, पिछले साल जब मुख्य कोच गौतम गंभीर को नियुक्त किया गया था तब उन्होंने अभिषेक नायर के साथ  मोर्केल और डेशकाटे को अपने सहायक स्टाफ में शामिल करने का अनुरोध किया था। गंभीर ने लखनऊ सुपर जाएंट्स में मोर्केल और कोलकाता नाइट राइडर्स में नायर और डेशकाटे के साथ काम किया था। सहायक कोच के रूप में नियुक्त नायर को इस साल की शुरुआत में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के बाद हटा दिया गया था। अब रिपोर्ट में दावा किया गया है कि, बीसीसीआई का मानना है कि मोर्केल ने टीम के किसी भी गेंदबाज को बेहतर बनाने में मदद नहीं की है। इसके अलावा बोर्ड डेशकाटे के 'वास्तविक कार्य' की भी जांच कर रहा है।

अगरकर भी जांच के घेरे में
इस रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि बीसीसीआई मुख्य कोच गौतम गंभीर को अधिक समय देने के लिए तैयार है। हालांकि, चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर और पूर्वी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे शिव सुंदर दास पर भी जांच के घेरे में हैं। दोनों फिलहाल भारतीय टीम के साथ इंग्लैंड दौरे पर हैं और बीसीसीआई के निशाने पर हैं। 
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कुलदीप को क्यों नहीं मिला मौका?
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कुछ टीम चयनों को लेकर निर्णयकर्ताओं के बीच 'मतभेद' रहा है, जिसमें स्पिनर कुलदीप यादव की अनुपस्थिति सबसे प्रमुख है। मैच विजेता माने जाने वाले कुलदीप ने अब तक सीरीज में एक भी टेस्ट नहीं खेला है, जबकि प्रबंधन बल्लेबाजी में गहराई और ऑलराउंडरों को तरजीह दे रहा है।
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