पूर्व महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने भारत के सीनियर खिलाड़ियों की प्रतिबद्धता पर सवाल उठाते हुए कहा है कि वह इस बात से सहमत नहीं हैं कि क्रिकेटर अंतरराष्ट्रीय शृंखला से आराम लेते हैं लेकिन इंडियन प्रीमियर लीग में बिना ब्रेक के खेलते हैं।
सीनियर खिलाड़ियों विराट कोहली, रोहित शर्मा, जसप्रीत बुमराह, हार्दिक पंड्या और ऋषभ पंत को वेस्टइंडीज के खिलाफ आगामी शृंखला से आराम दिए जाने के बाद गावस्कर ने यह टिप्पणी की। गावस्कर ने एक इंटरव्यू में कहा, ‘मैं खिलाड़ियों को आराम देने की धारणा से सहमत नहीं हूं। बिल्कुल भी नहीं। आप आईपीएल के दौरान आराम नहीं लेते तो फिर भारत के लिए खेलते हुए ऐसी मांग क्यों करते हो। मैं इससे सहमत नहीं हूं। आपको भारत के लिए खेलना होगा। आराम की बात मत कीजिए।’
उन्होंने कहा, ‘टी20 में पारी में सिर्फ 20 ओवर होते हैं। इसका आपके शरीर पर कोई असर नहीं पड़ने वाला। टेस्ट मैच में दिमाग और शरीर पर असर पड़ता है, मैं समझ सकता हूं। लेकिन मुझे नहीं लगता कि टी-20 में कोई समस्या है।’
तीन एकदिवसीय के अलावा वेस्टइंडीज दौरे पर भारत पांच टी-20 अंतरराष्ट्रीय भी खेलेगा। एकदिवसीय मुकाबलों के लिए नियमित कप्तान रोहित की गैरमौजूदगी में कप्तानी की जिम्मेदारी शिखर धवन को सौंपी गई है। ऑस्ट्रेलिया में टी-20 विश्व कप से पहले भारत को वेस्टइंडीज में एकदिवसीय मैचों के अलावा इस प्रारूप के कोई और मैच नहीं खेलने। एकदिवसीय मुकाबलों के बाद भारत कैरेबिया और अमेरिका में पांच टी-20 मैच खेलेगा।
ब्रेक की नीति पर गौर करे बीसीसीआई
इस पूर्व कप्तान ने कहा कि बेहतर होगा कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) आराम की इस नीति में हस्तक्षेप करे। गावस्कर ने कहा, ‘मुझे लगता है कि बीसीसीआई को आराम की इस धारणा पर गौर करने की जरूरत है। ग्रेड ए के सभी क्रिकेटरों को काफी अच्छे अनुबंध मिले हैं। उन्हें प्रत्येक मैच के लिए पैसा मिलता है। मुझे बताइए, क्या कोई ऐसी कंपनी है जो अपने सीईओ या प्रबंध निदेशक को इतनी छुट्टी देती है।’