रोहित शर्मा
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उन्होंने कहा, 'जब हम विदेश जाते हैं, तब कोई तेज गेंदबाजों की मददगार विकेट को लेकर क्यों कुछ नहीं बोलता। होम और अवे (विदेशी जमीन) का यही फायदा होता है। हम अपने मुताबिक पिचें बनाते हैं। अगर किसी को दिक्कत है, तो वह इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) में इसको लेकर नियम बनाने कह सकता है, ताकि हर जगह एक जैसी पिच मिले।'