रोहित शर्मा के संन्यास के बाद शुभमन गिल को भारतीय टीम का टेस्ट कप्तान नियुक्त किया गया है। वह इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में टीम का नेतृत्व करते नजर आएंगे। हालांकि, चयन समिति के इस फैसले पर पूर्व भारतीय क्रिकेटर मनोज तिवारी ने सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि गिल की जगह प्लेइंग 11 में भी नहीं थी, इसके बावजूद उन्हें कप्तान बना दिया गया।
'उनकी जगह प्लेइंग 11 में भी नहीं थी'
पूर्व क्रिकेटर मनोज तिवारी ने क्रिकबज पर कहा- 'वह दूसरा सबसे अच्छा विकल्प था। लेकिन जो व्यक्ति प्लेइंग इलेवन में भी फिट नहीं बैठता उसे कप्तान कैसे बनाया जा सकता है? इसलिए मुझे लगता है कि यहां तर्क यह था कि उन्होंने देखा कि दूसरा सबसे अच्छा विकल्प कौन था, और वह गिल थे, और ऐसा ही हुआ।'
सहवाग ने किया चयनकर्ताओं के फैसले का समर्थन
इस चर्चा के दौरान सहवाग भी मौजूद थे। उन्होंने चयनकर्ताओं के फैसले का समर्थन किया। इस दौरान उन्होंने बुमराह और पंत का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा- 'एक सीरीज के लिए बुमराह ठीक हैं। लेकिन एक दीर्घकालिक विकल्प के रूप में आपको यह पूछने की जरूरत है कि अगर भारत एक साल में 10 टेस्ट खेलता है, तो क्या वह उन सभी मैचों में खेल पाएगा? या वह कितने मैच खेल सकता है? कप्तान चुनने में यह एक प्रमुख कारक है। इसलिए मुझे लगता है कि यह सही निर्णय था, क्योंकि उन्हें लगा कि वे बुमराह पर वह दबाव और भार नहीं डाल सकते।'
सहवाग ने कहा कि कप्तानी की दौड़ में बुमराह सबसे आगे थे। उनके बाद दूसरे स्थान पर ऋषभ पंत और तीसरे स्थान पर शुभमन गिल थे। उन्होंने आगे कहा- 'तिवारी (मनोज) ने कहा कि गिल दूसरे सर्वश्रेष्ठ हैं, लेकिन मुझे लगता है कि वह ऋषभ पंत हैं और गिल तीसरे सर्वश्रेष्ठ हैं।'
शुभमन गिल
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गिल ने ऑस्ट्रेलिया में किया था टेस्ट डेब्यू
गिल ने टेस्ट में 2020-21 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर डेब्यू किया था। गाबा में टेस्ट में उन्होंने 91 रन की बेहतरीन पारी खेली थी। इस मैच को जीतकर अजिंक्य रहाणे की टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया पर 2-1 की अजेय बढ़त हासिल की थी। तब से लेकर अब तक गिल ने 32 टेस्ट में 35.03 की औसत से 1893 रन बनाए हैं। इसमें पांच शतक और सात अर्धशतक शामिल हैं। इस दौरान उन्होंने 210 चौके और 31 छक्के लगाए हैं। हालांकि, भारत से बाहर गिल का रिकॉर्ड कुछ खास नहीं रहा है। खासतौर पर इंग्लैंड में गिल कुछ खास नहीं कर पाए हैं। वहां उन्होंने दो विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल भी खेले हैं। इंग्लैंड में तीन मैचों में उन्होंने 15 से कम की औसत से 88 रन बनाए हैं। ऑस्ट्रेलिया में गिल ने छह टेस्ट में भारत का प्रतिनिधित्व किया है और 35.20 की औसत से 352 रन बनाए हैं। इसमें दो अर्धशतक शामिल हैं।