बुमराह की जगह आकाश दीप को शामिल किया गया, जबकि शार्दुल की जगह नीतीश रेड्डी खेल रहे हैं। इसके अलावा सुदर्शन की जगह वॉशिंगटन सुंदर को खिलाया गया। भारतीय टीम भले ही दो स्पिनर्स और चार तेज गेंदबाजी के विकल्प यानी गेंदबाजी के कुल छह विकल्प के साथ उतरी हो, लेकिन फैंस इससे संतुष्ट नहीं हैं। सबसे ज्यादा दुख बुमराह को लेकर है। गिल ने टॉस के दौरान कहा- बुमराह के वर्कलोड को मैनेज करने के लिए यह फैसला लिया गया है। हमें अच्छा ब्रेक मिला और यह हमारे लिए एक महत्वपूर्ण मैच है, लेकिन तीसरा टेस्ट लॉर्ड्स में होने के कारण, हमें लगता है कि उस पिच में गेंदबाजों के लिए बहुत कुछ होगा। इसलिए हमने बुमराह को वहां इस्तेमाल करने का सोचा है।
कुलदीप पर सुंदर को तरजीह देने को लेकर गिल ने कहा, 'हम कुलदीप को खिलाने के लिए आतुर थे, लेकिन पिछले मैच को देखते हुए कि हमारे निचले क्रम ने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया, इसलिए बल्लेबाजी में कुछ गहराई जोड़ने का फैसला किया और सुंदर को मौका दिया।' सुदर्शन के नहीं खेलने का मतलब है कि करुण तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करेंगे। लीड्स में पिछले टेस्ट में सुदर्शन और करुण दोनों ही कुछ कमाल नहीं कर पाए थे। दोनों पहली पारी में खाता नहीं खोल सके थे, जबकि दूसरी पारी में सुदर्शन ने 30 और करुण ने 20 रन बनाए थे। वहीं, छठे नंबर पर नीतीश आएंगे।
विनोद संडारेस नाम के फैन ने लिखा, 'क्या रक्षात्मक दृष्टिकोण है! अगर आप 20 विकेट नहीं ले सकते तो बल्लेबाजी में और गहराई लाने का क्या मतलब है?' वहीं, राजीव कुमार ने सुनील गावस्कर के अंदाज में लिखा, 'भारतीय टीम के चयन के बारे में मैं बस इतना ही कहना चाहता हूं कि 'बेवकूफी...बहुत बड़ी बेवकूफी!!' सैट्स नाम के फैन ने लिखा, 'दरअसल लॉर्ड्स की पिच बल्लेबाजों के लिए ज्यादा अनुकूल है। बुमराह को यहां एजबेस्टन में खेलना चाहिए था, यह ऐतिहासिक रूप से गेंदबाजों के लिए ज्यादा अनुकूल पिच है।'
गौरव शर्मा नाम के यूजर ने लिखा, 'भारतीय टीम प्रबंधन को ऑस्ट्रेलियाई टीम प्रबंधन से सीख लेनी चाहिए। वे सभी टेस्ट मैचों में नाथन लियोन को अकेले स्पिनर के रूप में खिलाते हैं। इससे फर्क नहीं पड़ता कि कौन सा देश है, कैसी पिच है या अलग परिस्थितियां हैं। वे अपने कोर में बदलाव किए बिना अपने पांचवें गेंदबाजी विकल्प को रोटेट करते हैं। अपने सर्वश्रेष्ठ स्पिनर (कुलदीप यादव) को बर्बाद करने का कोई मतलब नहीं है।' मनोज नाम के फैन ने लिखा, 'मैं गौरव शर्मा से पूरी तरह सहमत हूं। भारत बार-बार वही गलती कर रहा है जो उसने ऑस्ट्रेलियाई दौरे में की थी। टीम बहुत ज्यादा ऑलराउंडर्स को शामिल कर रही है और उनका योगदान बेहतर नहीं रहा है।'
पार्थ पंड्या नाम के फैन ने लिखा, 'भारतीय टीम को अर्शदीप को चुनना चाहिए था क्योंकि वह इनस्विंग और रिवर्स स्विंग करने की क्षमता रखते हैं और इंग्लैंड की परिस्थितियों में यह बहुत उपयोगी साबित हो सकता है। जडेजा के रहने से सुंदर की जरूरत नहीं थी। उनके पास शीर्ष सात बल्लेबाज होते।' ऐश्वर्य ने लिखा, 'मुख्य मुद्दा 20 विकेट लेने के बारे में बहुत अधिक प्रचार और रवैया रहा है, लेकिन जो फैसले लिए वह इन बयानों का समर्थन नहीं करता। कुलदीप की जगह सुंदर को खिलाना बहुत रक्षात्मक रवैया है। एक बल्लेबाज पहली गेंद पर आउट हो सकता है और उसके पास योगदान देने के लिए बहुत कम होता है, लेकिन अगर गेंदबाज खराब स्पेल करता है, तो उसके पास मजबूत वापसी करने का विकल्प होता है।'
विष्णु उपाध्याय नाम के फैन ने लिखा, 'चर्चा थी कि सुंदर नेट्स में अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे। अगर ऐसा था तो भारत को जडेजा और कुलदीप की जगह सुंदर को खिलाना चाहिए था। रेड्डी, सुंदर, जडेजा को खिलाना एक टूटी हुई रणनीति है।' बिप्लव नाम के फैन ने लिखा, 'हर मैच में बल्लेबाजों और उनके पोजिशन में फेरबदल अच्छी रणनीति नहीं है, भारत को इससे बचना चाहिए।'