टीम इंडिया ने चार टेस्ट मैचों की सीरीज के पहले टेस्ट में इंग्लैंड को 9 विकेट से हरा दिया। पहली पारी में नाबाद 206 और दूसरी पारी में नाबाद 41 रन बनाने वाले चेतेश्वर पुजारा के मैन ऑफ द मैच चुना गया है। दूसरी पारी में भारत की ओर से वीरेंद्र सहवाग (25), पुजारा (नाबाद 41) और विराट कोहली ने (नाबाद 14) रन बनाए।
भारत ने इस शानदार जीत से इंग्लैंड से गत वर्ष 0-4 की पराजय का पहला बदला ले लिया। भारत को जीत के लिए मात्र 77 रन का लक्ष्य मिला था और पहली पारी के दोहरे शतकधारी चेतेश्वर पुजारा की 51 गेंदों में आठ चौकों की मदद से नाबाद 41 रन की पारी की बदौलत भारत ने 15.3 ओवर में एक विकेट पर 77 रन बनाकर शानदार जीत हासिल कर ली।
दूसरी पारी में गौतम गंभीर की अनुपस्थिति में विस्फेटक ओपनर वीरेंद्र सहवाग के साथ चेतेश्वर पुजारा ओपनिंग करने उतरे। सहवाग ने 21 गेंदों में एक चौके और एक छक्के की मदद से 25 रन बनाए जबकि पुजारा ने 51 गेंदों में नाबाद 41 रन ठोके। विराट कोहली 11 रन पर नाबाद रहे और भारत ने पहला टेस्ट नौ विकेट से अपने नाम कर लिया।
भारत की इंग्लैंड के खिलाफ यह जीत सही मायनों में यादगार रही। गत वर्ष इंग्लैंड दौरे में 0-4 और फिर ऑस्ट्रेलिया दौरे में भी 0-4 की शिकस्त झेलने के बाद महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी पर काफी सवाल उठने लगे थे। हालांकि भारत ने गत अगस्त में न्यूजीलैंड से घरेलू सीरीज जीती लेकिन सभी को एक बड़ जीत का इंतजार था।
धोनी के धुरंधरों ने आखिर इंग्लैंड को धोते हुए इस इंतजार को पूरा कर दिया। मैच में भारत की जीत की इबारत तो उसी समय लिख दी गई थी जब धोनी ने पहले दिन टास जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय किया था। भारत ने आठ विकेट पर 521 रन का विशाल स्कोर बनाकर इंग्लैंड को दबाव में ला दिया।
इंग्लैंड इसके बाद तो सिर्फ मैच में अपनी इज्जत बचाने के लिए संघर्ष करता रहा। पहली पारी में 191 रन पर लुढ़कने के बाद इंग्लैंड ने दूसरी पारी में जरूर संघर्ष करते हुए 406 रन बनाए लेकिन ये भारत को जीत से रोकने के लिए काफी नहीं थे। इंग्लैंड ने कल के पांच विकेट पर 340 रन से आगे खेलना शुरू किया था और इंतजार सिर्फ इतना था कि इंग्लैंड अपनी हार को कितना खींच पाता है।
इंग्लैंड के कप्तान कुक ने 168 रन और विकेटकीपर मैट प्रायर ने 84 रन से अपनी पारी को आगे बढ़या। भारत को सुबह जल्द ही सफलता हाथ लग गई जब ओझा ने प्रायर को शाट खेलने के लिए मजबूर किया । प्रायर अपने शाट पर नियंत्रण नहीं रख पाए और ओझा को आसान कैच दे बैठे।
प्रायर 225 गेंदों में 11 चौकों की मदद से 91 रन की शानदार पारी खेलने के बाद विदा हुए। प्रायर का विकेट 356 के स्कोर पर गिरा। चट्टान की तरह विकेट पर टिक कर खेल रहे कप्तान कुक ओझा का अगला शिकार बने। ओझा ने आखिर कुक के डिफेंस में सेंध लगाते हुए उन्हें बोल्ड कर दिया।
कुक ने 556 मिनट की अपनी मैराथन पारी में 374 गेंदों का सामना किया और 176 रन में 21 चौके लगाए। कुक का विकेट 365 के स्कोर पर गिरा। कुक का विकेट मिलने के साथ ही यह तय हो गया कि भारत की जीत अब ज्यादा दूर नहीं है।