भारतीय बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने कहा कि रणजी ट्रॉफी और काउंटी चैंपियनशिप में प्रथम श्रेणी क्रिकेट में खेलने से उन्हें अपनी फॉर्म और राष्ट्रीय टीम में वापसी करने में मदद मिली। 34 वर्षीय पुजारा को इस साल के शुरू में श्रीलंका के खिलाफ भारत की घरेलू टेस्ट शृंखला के लिए टीम में नहीं चुना गया था।
ससेक्स की तरफ से पांच मैचों में 120 की औसत से 720 रन बनाने के बाद उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ पांचवें टेस्ट के लिए फिर से राष्ट्रीय टीम में चुना गया। पुजारा ने रणजी ट्रॉफी में मुंबई के खिलाफ 83 गेंदों में 91 रन की पारी खेली थी। उन्होंने दूसरी डिवीजन की काउंटी चैंपियनशिप में ससेक्स के लिए दो दोहरे शतकों सहित चार शतक लगाए।
पुजारा ने बीसीसीआई टीवी से कहा, ‘मेरे लिए यह अधिक से अधिक प्रथम श्रेणी मैचों में खेलने से जुड़ा था। यह अनुभव महत्वपूर्ण था। मेरी एकाग्रता और सब कुछ ठीक चल रहा था। मैंने ससेक्स के साथ बहुत अच्छा समय बिताया।’