टीम इंडिया को पहले टेस्ट में पांच विकेट से हराने के बाद इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने टीम की जीत की वजह का खुलासा किया है। उन्होंने जीत का श्रेय अपने गेंदबाजों को दिया और कहा कि भारत के निचले क्रम को दो बार सस्ते में आउट करना निर्णायक साबित हुआ। जीत के लिए 371 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए सलामी बल्लेबाज बेन डकेट और जैक क्राउली ने पहले विकेट के लिए 188 रन की साझेदारी की। भारत को छठे गेंदबाज की कमी खली। ऐसे में इंग्लैंड के पूर्व स्पिनर मोंटी पनेसर ने टीम इंडिया से दो जुलाई से बर्मिंघम में खेले जाने वाले दूसरे टेस्ट में कुलदीप यादव को मौका देने को कहा है।
'विशाल लक्ष्य मिलता तो मुश्किल हो जाता'
स्टोक्स ने हालांकि कहा कि मैच का पलड़ा उसी समय उनके पक्ष में हो गया था जब इंग्लैंड के गेंदबाजों ने भारत को बड़ा स्कोर बनाने से रोका। स्टोक्स ने मैच के बाद कहा, 'यह बल्लेबाजी के लिए अच्छी विकेट थी। बड़े स्कोर से इसका पता चलता है, लेकिन मैच का निर्णायक पल यही था कि हमने दो बार भारत के निचले क्रम को सस्ते में निपटा दिया। इसी वजह से हम उन्हें बड़ा स्कोर बनाने से रोक पाए और विशाल लक्ष्य नहीं मिला जिसे पाना मुश्किल हो जाता।'
'500 रन से आगे नहीं जाने दिया'
उन्होंने कहा, 'हमने पहली पारी में उन्हें 500 रन से आगे नहीं जाने दिया जो वह एक समय बनाते दिख रहे थे।' भारत ने पहली पारी में आखिरी छह विकेट 41 रन के भीतर गंवा दिए और दूसरी पारी में भी आखिरी छह विकेट 34 रन के भीतर गिर गए। स्टोक्स ने कहा, 'जीत के लिए 371 रन के लक्ष्य के जवाब में अच्छी शुरूआत चाहिए थी। ऐसे में विकेट बचाकर खेलना जरूरी था। डकेट और जैक ने जिस तरह से खेला, वह तारीफ के काबिल हैं। दोनों एक दूसरे के पूरक बनकर खेले। दाहिने-बाएं हाथ के बल्लेबाजों के संयोजन के सामने गेंदबाजों को मुश्किल हुई होगी।'
मोंटी पनेसर ने कही यह बात
इंग्लैंड के पूर्व स्पिनर मोंटी पनेसर का मानना है कि भारत को बर्मिंघम में होने वाले दूसरे टेस्ट मैच में तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर शार्दुल ठाकुर की जगह कुलदीप यादव को मौका देना चाहिए जहां स्पिनर महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। भारतीय गेंदबाज लीड्स में खेले गए पहले टेस्ट मैच में 371 रन के लक्ष्य का बचाव नहीं कर पाए, जिसके बाद मेहमान टीम के गेंदबाजी आक्रमण को लेकर सवाल उठने लग गए हैं।
'जडेजा के साथ कुलदीप को मिले मौका'
पनेसर ने कहा, 'एजबेस्टन में भारत रवींद्र जडेजा को प्लेइंग-11 में बरकरार रख सकता है और कुलदीप यादव को एक्स फैक्टर के रूप में टीम में शामिल कर सकता है। एजबेस्टन का विकेट थोड़ा टर्न लेता है। इसलिए कुलदीप एक्स फैक्टर साबित हो सकते हैं। उनमें कुछ खास बात है। कुलदीप को टर्निंग ट्रैक की जरूरत नहीं है। हमने आईपीएल के दौरान देखा कि वह विकेट से खास टर्न नहीं मिलने के बावजूद बल्लेबाजों को परेशानी में डाल सकते हैं। अगर शार्दुल ठाकुर केवल छह से आठ ओवर ही गेंदबाजी करेंगे और पूरे दिन में 15 ओवर भी नहीं कर पाएंगे तो उन्हें टीम में रखने का कोई मतलब नहीं है।'
'जडेजा की जगह कुलदीप को मिले तरजीह'
जब पनेसर से पूछा गया कि क्या भारत को जडेजा की जगह कुलदीप को चुनना चाहिए तो उन्होंने कोई हिचकिचाहट नहीं दिखाई। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि उन्हें कुलदीप को टीम में रखने की जरूरत है क्योंकि उनमें एक्स फैक्टर ज्यादा है। उनमें कुछ खास बात है। अगर आपको टीम में एक ही स्पिनर रखना है तो फिर जडेजा की जगह कुलदीप को प्लेइंग-11 में रखना चाहिए।'