भारत के बल्लेबाज रवींद्र जडेजा हैदराबाद में इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट के तीसरे दिन पिच पर उतरते ही अपना शतक पूरा करने के लिए तैयार दिख रहे थे। हालांकि, कुछ रन बाद ही इंग्लैंड के स्टार जो रूट ने उन्हें स्टंप्स के सामने फंसा दिया और अंपायर को अंगुली उठाने में कोई दिक्कत नहीं हुई। हालांकि, जडेजा इससे संतुष्ट नहीं हुए और डीआरएस रेफरल का विकल्प चुनकर सीधे तीसरे अंपायर के पास गए। तीसरे अंपायर ने कई कोणों से उपलब्ध फुटेज का विश्लेषण किया और अंत में फैसला रूट और इंग्लैंड की टीम के पक्ष में गया। इसने सोशल मीडिया पर बहस शुरू कर दिया है कि क्या जडेजा वाकई आउट थे, क्योंकि गेंद ने जिस वक्त पैड को छुआ, उसी वक्त गेंद बल्ले से भी टकराती हुई दिख रही थी। ऐसे में थर्ड अंपायर ने भी जडेजा को आउट क्यों दिया, इससे फैंस काफी गुस्से में हैं। जडेजा शतक से चूक गए और 87 रन बनाकर पवेलियन लौटे।
दरअसल, भारत की पारी के 120वें ओवर में रूट की गेंद जाकर जडेजा के पैड से लगी। रिव्यू में अल्ट्रा एज में दिखा कि गेंद जब बल्ले के पास से गुजरी तो बड़ा स्पाइक दिखा। ऐसे में थर्ड अंपायर के मन में असमंजस की स्थिति पैदा हो गई। हालांकि, गेंद का पैड पर भी इम्पैक्ट उसी समय हुआ। इसलिए, थर्ड अंपायर के लिए फैसला लेना मुश्किल हो गया कि गेंद पैड से टकराने से पहले बल्ले से टकराई है या नहीं।
जैसे ही थर्ड अंपायर बॉल ट्रैकिंग के लिए गए, पैड और स्टंप पर दोनों का इम्पैक्ट 'अंपायर कॉल' दिखा। इसलिए, अंतिम निर्णय बॉलिंग टीम के पक्ष में गया क्योंकि ऑन-फील्ड निर्णय आउट था।
मैच में कमेंट्री कर रहे रवि शास्त्री ने फैसले से सहमति व्यक्त की और यह भी बताया कि जडेजा को संदेह का लाभ क्यों नहीं मिला। भारत के पूर्व मुख्य कोच ने यह भी बताया कि अगर मैदानी फैसला बल्लेबाज के पक्ष में दिया जाता तो जडेजा नॉट-आउट रहते। चूंकि, ऑन फील्ड अंपायर ने आउट दिया था और थर्ड अंपायर कोई फैसला लेने में असमर्थ थे तो वह ऑन फील्ड कॉल के साथ गए और जडेजा को वापस लौटना पड़ा। यह कुछ-कुछ सॉफ्ट सिग्नल की तरह था, जिसे आईसीसी ने हटा दिया था।
जडेजा के आउट होने के बाद भारत ने बल्ले से ज्यादा रन नहीं जोड़े। रूट ने जडेजा को आउट करने के बाद अगली ही गेंद पर जसप्रीत बुमराह को पवेलियन भेज दिया। अक्षर पटेल भी अर्धशतक नहीं बना सके। भारतीय टीम अपनी पहली पारी में 436 रन बना सकी और कुल 190 रन का बढ़त हासिल किया। इंग्लैंड ने अपनी पहली पारी में 246 रन बनाए थे।