इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट मैच में यशस्वी जायसवाल ने एक बार फिर दोहरा शतक जड़ा। इससे पहले विशाखापत्तनम में खेले गए मुकाबले में भी उन्होंने दोहरा शतक जड़ा था। इसी के साथ वह इंग्लैंड के खिलाफ लगातार दो दोहरे शतक लगाने वाले पहले भारतीय बन गए। उनकी इस शानदार पारी के दम पर भारतीय टीम ने इंग्लैंड को 434 रन से हरा दिया। जायसवाल के धमाकेदार प्रदर्शन से प्रभावित होकर अनिल कुंबले ने उनकी तारीफ की, लेकिन उन्हें एक खास सलाह दी।
भारत बनाम इंग्लैंड सीरीज के तीसरे मैच में जायसवाल का बल्ला जमकर गरजा। उन्होंने 236 गेंदों का सामना करते हुए 14 चौके और 12 छक्के की मदद से 214 रन की नाबाद पारी खेली। इससे पहले विशाखापत्तनम में युवा बल्लेबाज ने पहली पारी में 290 गेंदों का सामना कर 209 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 19 चौके और सात छक्के जड़े। राजकोट टेस्ट के बाद पूर्व भारतीय गेंदबाज कुंबले ने उन्हें लेग स्पिन पर काम करने की सलाह दी।
कुंबले ने दी लेग स्पिन पर काम करने की सलाह
कुंबले ने कहा, “आपकी बल्लेबाजी बहुत अच्छी रही, लेकिन एक चीज जो मैंने देखी है और मैं चाहता हूं कि आप भी इसे जारी रखें, वह यह है कि आपके पास लेग स्पिन है और एक बढ़िया और एक्शन भी। इसलिए इसे मत छोड़ें, क्योंकि आप कभी नहीं जानते कि वह आपके लिए कब काम आ जाए।“
दूसरी पारी में रिटायर्ड हर्ट हुए थे यशस्वी
तीसरे टेस्ट मैच के तीसरे दिन यशस्वी शतक लगाकर पवेलियन लौट गए थे। दूसरी पारी में उन्होंने पीठ में ऐंठन की शिकायत की थी जिसके बाद वह रिटायर्ड हर्ट होकर ड्रेसिंग रुम में चले गए थे। कुंबले ने उन्हें सलाह दी कि उन्हें भारतीय कप्तान रोहित शर्मा से कुछ ओवर गेंदबाजी को लेकर बात करनी चाहिए। कुंबले ने कहा, “मुझे पता है कि आपकी पीठ में ऐंठन है लेकिन जब आप इस पर इतना काम कर रहे हैं, तो आपको कप्तान के पास जाना चाहिए और कुछ ओवर्स मांगने चाहिए।”
तीन टेस्ट मैचों में यशस्वी ने बनाए खास रिकॉर्ड
तीन टेस्ट मैचों में यशस्वी ने लगातार दो दोहरे शतक लगाए। ऐसा करने वाले वह भारत के तीसरे बल्लेबाज बन गए। उन्होंने इस मामले में विनोद कांबली और विराट कोहली की बराबरी की। इसके अलावा उन्होंने टेस्ट की एक पारी में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में पाकिस्तानी दिग्गज वसीम अकरम की संयुक्त रूप से बराबरी कर ली है। अकरम ने 1996 में जिम्बाब्वे के खिलाफ शेखपुरा (पाकिस्तान) में 12 छक्के मारे थे।