नए स्थल पर एक और टर्निंग पिच सही नहीं
बीसीसीआई के शीर्ष अधिकारियों के साथ टीम प्रबंधन भी समझता है कि धूल से भरी एक और पिच नए स्थल के लिए अच्छी नहीं होगी जिसके इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) और आईसीसी टी-20 विश्व कप के दौरान कई महत्वपूर्ण मैचों की मेजबानी करने की संभावना है।
अंतिम टेस्ट के बाद मैच रेफरी की रिपोर्ट
बीसीसीआई अधिकारी ने कहा, ‘अगर एक ही स्थल पर दो मैच होते हैं तो आप एक नतीजे को अलग नहीं कर सकते। अंतिम टेस्ट होने दीजिए और इसके बाद ही मैच रेफरी जवागल श्रीनाथ की रिपोर्ट के आधार पर आईसीसी अपनी कार्रवाई को लेकर फैसला करेगा। साथ ही अब तक इंग्लैंड की टीम ने भी कोई आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है।’
अगर एक ही स्थल पर एक अच्छी और एक खराब पिच होती है तो आईसीसी के कार्रवाई करने की संभावना नहीं है। भारत सीरीज को 3-1 से अपने नाम करके खुश होगा लेकिन टीम को नतीजा देने वाली स्पिन की अनुकूल पिच की जरूरत नहीं है क्योंकि उसके लिए ड्रॉ ही काफी है। साथ ही भारतीय टीम प्रबंधन ऐसी पिच नहीं चाहता जिस पर बेहद महत्वपूर्ण मैच में खेलते हुए उसे नुकसान उठाना पड़े।
उन्होंने कहा, ‘गुलाबी गेंद का टेस्ट अच्छा रहा क्योंकि यह गेंद से अधिक जुड़ा हुआ मामला था। गेंद पिच पर गिरकर तेजी से आ रही थी जबकि पिच में कोई समस्या नहीं थी जैसा इंग्लैंड के कई पूर्व दिग्गज खिलाड़ी कह रहे हैं। वे सीधी गेंदों का सामना करने में नाकाम रहे। लेकिन इस तरह की पिचें अपने ऊपर भी भारी पड़ सकती हैं और बीसीसीआई को इसकी अच्छी तरह जानकारी है।’