पहली पारी में श्रेयस-पुजारा ने संभाला
भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 रन के अंदर तीन विकेट खो दिए थे। इसके बाद पंत ने तेजी से रन बनाकर पलटवार किया, लेकिन वह लंबी पारी नहीं खेल पाए। इसके बाद पुजारा और श्रेयस अय्यर ने शतकीय साझेदारी कर भारत को मुश्किल से निकाला। इन दोनों के बाद अश्विन और कुलदीप ने भी 92 रन की साझेदारी की और भारत 400 रन से ज्यादा का स्कोर बनाने में सफल रहा। पहले भारत के पुछल्ले बल्लेबाज न के बराबर योगदान देते थे और जल्दी आउट हो जाते थे, लेकिन पिछले कुछ समय में पुछल्ले बल्लेबाज भी रन बना रहे हैं और इसका फायदा भारत को मिला है। भारत की कई जीत में पुछल्ले बल्लेबाजों ने अहम योगदान दिया है।
कुलदीप-सिराज ने किया कमाल
इस मैच में भारतीय टीम बुमराह और शमी के बिना खेल रही थी। ऐसे में तेज गेंदबाजी भारत के लिए चिंता का विषय थी। हालांकि, सिराज ने पहली गेंद से ही विकेट निकलना शुरू कर दिया और इन दोनों की कमी नहीं खलने दी। उन्होंने तीन विकेट लेकर बांग्लादेश के मध्यक्रम को झकझोर दिया। सिराज के कमाल के बाद अश्विन से विकेट की उम्मीद थी, लेकिन कुलदीप ने शानदार प्रदर्शन कर पांच विकेट निकाले। वह लंबे समय बाद टेस्ट टीम में लौटे हैं और शानदार वापसी की।
कप्तान राहुल फेल पर गिल ने लगाया शतक
भारत की दूसरी पारी में भी कप्तान लोकेश राहुल फेल रहे। वहीं, शुभमन गिल ने मौके का शानदार फायदा उठाया और शानदार शतक लगाया। इसके बाद पहली पारी में 90 रन पर आउट होने वाले पुजारा ने भी शतकीय पारी खेली। उन्होंने भी यह दिखाया कि उनके अंदर तेजी से रन बनाने की क्षमता है।
अंत में अक्षर ने दिलाई जीत
चटग्राम की पिच मैच आगे बढ़ने के साथ सपाट होती जा रही थी। बांग्लादेश के सलामी बल्लेबाजों ने शतकीय साझेदारी कर भारत की चिंता बढ़ा दी थी। उमेश ने पहला विकेट दिलाया तो अक्षर ने दूसरी सफलता दिलाने में देरी नहीं की। कुलदीप ने लिटन दास और शाकिब के अहम विकेट लिए। वहीं, अक्षर ने रहीम और नुरुल हसन के बाद तैजुल को आउट कर जीत दिलाई।
फेल हुए दिग्गज, जिन्होंने जीत दिलाई उनकी जगह पक्की नहीं
इस मैच में अश्विन जैसे दिग्गज गेंदबाज को सिर्फ एक विकेट मिला। वहीं, कुलदीप ने आठ विकेट लिए। अक्षर ने भी पांच विकेट लिए। कुलदीप और अक्षर की जगह टीम में पक्की नहीं है। अगर भारत दो तेज गेंदबाजों के साथ उतरता है तो शमी-बुमराह के रहते सिराज को भी मौका नहीं मिलेगा, जबकि इस मैच में इन्हीं तीन गेंदबाजों ने मिलकर 17 विकेट लिए।
अश्विन के अलावा कप्तान लोकेश राहुल और विराट कोहली जैसे दिग्गज भी बांग्लादेश के खिलाफ बड़ी पारी नहीं खेल पाए। कोहली के पास बांग्लादेश के खिलाफ शतक लगाकर टेस्ट में शतकों का सूखा खत्म करने का मौका था, लेकिन विराट चूक गए।