द वेस्ट ऑस्ट्रेलिया ने फ्रंट पेज पर बड़े-बड़े शब्दों में लिखा- 'किंग की वापसी' (द रिटर्न ऑफ द किंग)। दुनियाभर की आखें पर्थ और कोहली पर हैं।' इसके बाद एक और पेज पर द वेस्ट ऑस्ट्रेलिया ने लिखा 'होली कोहली (पवित्र कोहली)। किंग अपनी विदाई सीरीज में दुनिया पर छा जाने को तैयार हैं।' ऑस्ट्रेलियाई मीडिया के स्क्रीनशॉट्स सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहे हैं। इससे पहले द टेलीग्राफ ने इस सीरीज को 'युगों की लड़ाई' बताया। इसी अखबार में पंजाबी में भी एक सेक्शन था, जिसमें भारत के युवा सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल पर एक लेख था। इसकी हेडिंग थी, 'नवम राजा (नया राजा)।' हेराल्ड सन ने इस सीरीज को विराट कोहली की विदाई सीरीज यानी ऑस्ट्रेलिया की धरती पर आखिरी टेस्ट सीरीज बताया है। मंगलवार को इस अखबार में प्रकाशित एक रिपोर्ट में कहा गया, "इन गर्मियों में कोहली इन तटों पर विदाई के लिए तैयार हैं'। वहीं, इस अखबार ने यशस्वी जायसवाल को इस सीरीज में सबसे ज्यादा गौर किया जाने वाला बल्लेबाज बताया है।
ऑस्ट्रेलियाई मीडिया का ऐसा करने से दुनिया चौंक गई है। इससे पहले पाकिस्तान के मुख्य कोच जेसन गिलेस्पी ने आगामी बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी पर पूरा ध्यान देने और पाकिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज की अनदेखी करने के लिए क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की आलोचना की थी। विराट कोहली इस साल टेस्ट में कुछ खास फॉर्म में नहीं दिखे हैं। मुख्य कोच गौतम गंभीर समते कई लोगों को लगता है कि इस भारतीय बल्लेबाजी आइकन में अभी भी काफी क्रिकेट बाकी है और ऑस्ट्रेलिया में आगामी बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी (बीजीटी) के दौरान वह खूब रन बना सकते हैं।
इस साल कोहली ने तीनों प्रारूपों को मिलाकर 19 मैचों की 25 पारियों में 20.33 की औसत से महज 488 रन बनाए हैं। इनमें दो अर्धशतक शामिल हैं। टेस्ट में विराट के हालिया फॉर्म को देखें तो उन्होंने इस साल पांच मैचों की 10 पारियों में 192 रन बनाए हैं। इनमें बांग्लादेश और न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज शामिल है। ऐसे में वह खुद को साबित करने के लिए आतुर होंगे। हेराल्ड सन ने 2012 में कोहली के शानदार फॉर्म को भी दिखाया और बताया कि कैसे यह बल्लेबाज आने वाले दिनों में इस टक्कर को और भी दिलचस्प बनाने वाला था। कोहली घरेलू सत्र में खराब प्रदर्शन के बाद निशाने पर आए थे। न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत की 0-3 से हार के बाद पूर्व क्रिकेटरों ने कोहली की आलोचना की थी। उन्होंने इस सीरीज में 15.50 के औसत से सिर्फ 93 रन बनाए जो पिछले सात साल में घरेलू सीरीज में उनका न्यूनतम औसत है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज कोहली के करियर में नई जान फूंक सकती है क्योंकि उन्हें कंगारुओं के खिलाफ बल्लेबाजी करना पसंद है। कोहली ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 25 टेस्ट में 2000 से ज्यादा रन बनाए हैं और इस वक्त मौजूदा टेस्ट और वनडे चैंपियन ऑस्ट्रेलिया ही ऐसी टीम है, जिसका सामना कर वह खुद को अच्छी स्थिति में लाना चाहेंगे।