विराट कोहली को टेस्ट क्रिकेट में भारत का सर्वश्रेष्ठ कप्तान माना जाता है। आंकड़े इस बात के गवाह है। उनकी कप्तानी में टीम इंडिया ने 68 में से 40 टेस्ट जीते ते। कोहली और भारत के पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री की जोड़ी ने खेल के सबसे लंबे प्रारूप में टीम इंडिया को ऊंचाइयों पर पहुंचाया। दोनों ने मिलकर टीम इंडिया की गेंदबाजी को मजबूत किया था। टेस्ट में कोहली की कप्तानी के सभी कायल थे। मौजूदा भारतीय कप्तान रोहित शर्मा को भी उनसे सीखने को मिला है।
रोहित ने नागपुर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टेस्ट में मिली जीत के बाद इस बात का खुलासा किया। रोहित शर्मा ने अपनी कप्तानी में सुधार के लिए पूर्व कप्तान कोहली को श्रेय दिया। रोहित ने बताया कि कैसे उन्होंने कोहली के नेतृत्व के पहलुओं को अपनाया। हिटमैन ने तीसरी बार टेस्ट में भारत की कप्तानी की है। उनकी कप्तानी में टीम इंडिया अब तक नहीं हारी है। उसने दो मैच में श्रीलंका और एक में ऑस्ट्रेलिया को हराया है।
रोहित ने क्या कहा?
रोहित ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा, ''जब मैं एक खिलाड़ी के रूप में खेल रहा था, तब विराट कप्तानी कर रहे थे। मैंने एक बात देखी कि भले ही हमें विकेट न मिले, लेकिन मैदान पर दबाव बनाए रखना चाहिए ताकि विपक्षी टीम गलती कर सके। यह कुछ ऐसा है जिसे मैं मुझे पता चला जब विराट कप्तानी कर रहे थे। अब मैं यही करने की कोशिश कर रहा हूं कि उस तरह का दबाव बनाए रखूं। हर गेंद पर विकेट की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। बस गेंद को सही से दिशा में डालनी चाहिए।''
रोहित ने लगाया टेस्ट में नौवां शतक
रोहित शर्मा ने मैच में शानदार शतक जड़ा। उन्होंने भारत की पहली पारी में 212 गेंदों में 120 रन बनाए। अपनी पारी में रोहित ने 15 चौके और दो छक्के लगाए। यह उनके टेस्ट करियर का नौवां शतक और तीनों फॉर्मेट मिलाकर 43वां शतक रहा। इस मैच में ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 177 रन बनाए थे। वहीं, दूसरी पारी में यह टीम 91 रन पर सिमट गई। भारत ने पहली पारी में 400 रन बनाए और यही कंगारू टीम पर भारी पड़े। रवींद्र जडेजा ने इस मैच में 70 रन बनाने के साथ पहली पारी में पांच और दूसरी पारी में दो विकेट लिए।