भारत को हार का सामना करना पड़ा था
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी सीरीज का तीसरा टेस्ट इंदौर में तीन दिन के अंदर खत्म हो गया था। आईसीसी पिच और आउटफील्ड मॉनिटरिंग प्रक्रिया के तहत इंदौर के पिच को खराब बताया गया था। दोनों टीमों के स्पिनरों को पहले दिन की शुरुआत से ही स्पिन के अनुकूल सतह से काफी मदद मिली थी। पहले दिन 14 में से 13 विकेट स्पिनर्स ने लिए थे।
पूरे मैच के दौरान गिरे 31 विकेटों में से 26 स्पिनरों ने लिए, जबकि केवल चार विकेट तेज गेंदबाजों के खाते में गए। एक बल्लेबाज रन आउट हुआ। इस टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया ने स्टीव स्मिथ की कप्तानी में भारत को हराया था। इस जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया ने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल के लिए क्वालिफाई कर लिया था। हालांकि, टीम इंडिया ने चार मैचों की टेस्ट सीरीज 2-1 से अपने नाम की थी। अहमदाबाद में खेला गया आखिरी टेस्ट ड्रॉ रहा था।
आईसीसी पिचों को इन पांच आधार पर रेटिंग करता है
- बहुत अच्छा (Very Good)
- अच्छा (Good)
- औसत (Average)
- औसत से नीचे (Below Average)
- खराब (Poor)
- अनुपयुक्त (Unfit)
मैच रेफरी क्रिस ब्रॉड ने क्या कहा था?
पिच पर बात करते हुए मैच रेफरी क्रिस ब्रॉड ने कहा- पिच बहुत सूखी थी। वह बल्ले और गेंद के बीच संतुलन नहीं बना पा रही थी। पिच पर शुरू से ही स्पिनरों को बोलबाला रहा। मैच की पांचवीं गेंद पिच की सतह से टूट गई। साथ ही होलकर स्टेडियम की पिच पर सीम मूवमेंट बहुत कम या न के बराबर हुआ। पूरे मैच में अत्यधिक और असमान उछाल था।
इंदौर स्टेडियम पर निलंबन का खतरा भी टला
आईसीसी पिच और आउटफील्ड मॉनिटरिंग प्रक्रिया के मुताबिक, अगर कोई पिच पांच साल की रोलिंग पीरियड में पांच या उससे ज्यादा डिमेरिट अंक पाता है तो उसे 12 महीने की अवधि के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की मेजबानी करने से निलंबित कर दिया जाता है। ऐसे में होलकर स्टेडियम को तीन डिमेरिट अंक मिले थे, जिसे अब घटाकर एक कर दिया गया है। इससे निलंबन का खतरा भी टल गया है।