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IND vs AUS: रोहित और विराट कब तक रहेंगे टेस्ट टीम का हिस्सा? सुनील गावस्कर ने दिया चौंकाने वाला जवाब

Tue, 07 Jan 2025 07:08 PM IST
Mayank Tripathi स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कोहली ने नौ पारियों में एक नाबाद शतक सहित 190 रन बनाए, जबकि रोहित ने पांच पारियों में केवल 31 रन बनाए। गावस्कर ने टीम के बल्लेबाजों की बार-बार विफलता की ओर इशारा करते हुए कहा- यह स्पष्ट है कि पिछले छह महीनों में हमारी बल्लेबाजी विफल रही और यही मुख्य कारण था कि हम उन मैच में भी हार गए जो हमें जीतने चाहिए थे।
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रोहित और विराट - फोटो : BCCI
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विस्तार
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भारतीय टीम को हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के हाथों बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में करारी शिकस्त मिली थी। मेजबानों ने भारत को 1-3 से हराकर सीरीज अपने नाम की। भारत की हार का सबसे बड़ा कारण रोहित शर्मा और विराट कोहली का खराब प्रदर्शन रहा। दोनों बल्लेबाज इस दौरे पर कुछ खास कमाल नहीं दिखा सके। यही कारण है कि दिग्गज बल्लेबाजों के टेस्ट क्रिकेट में भविष्य पर सवाल उठने लगे हैं।
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कब तक रोहित और विराट रहेंगे टेस्ट टीम का हिस्सा?
पूर्व भारतीय बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने अब रोहित और विराट के टेस्ट में भविष्य पर बात की। उन्होंने कहा कि टेस्ट क्रिकेट में दोनों बल्लेबाजों का भविष्य पूरी तरह से चयनकर्ताओं पर निर्भर करेगा। गावस्कर ने कहा- वे कितने समय तक टीम में रहेंगे यह वास्तव में चयनकर्ताओं पर निर्भर है। अब जबकि भारत डब्ल्यूटीसी (विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप) फाइनल के लिए क्वालीफाई करने में विफल रहा है तो उन कारणों पर विचार करना उचित होगा कि ऐसा क्यों हुआ।

ऑस्ट्रेलिया दौरे पर खामोश रहा रोहित और विराट का बल्ला
डब्ल्यूटीसी की शुरुआत के बाद यह पहली बार है जबकि भारत इसके फाइनल में जगह बनाने में नाकाम रहा। भारत को इस हार के कारण पिछले एक दशक में पहली बार बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी से हाथ धोना पड़ा। उसकी पराजय का मुख्य कारण बल्लेबाजों का खराब प्रदर्शन रहा। रोहित और कोहली भारतीय बल्लेबाजी की कमजोर कड़ी साबित हुए।

कोहली ने नौ पारियों में एक नाबाद शतक सहित 190 रन बनाए, जबकि रोहित ने पांच पारियों में केवल 31 रन बनाए। गावस्कर ने टीम के बल्लेबाजों की बार-बार विफलता की ओर इशारा करते हुए कहा- यह स्पष्ट है कि पिछले छह महीनों में हमारी बल्लेबाजी विफल रही और यही मुख्य कारण था कि हम उन मैच में भी हार गए जो हमें जीतने चाहिए थे।

उन्होंने आगे कहा- इसलिए अगर इंग्लैंड में जून में शुरू होने वाले डब्ल्यूटीसी के नए चक्र के लिए टीम में बदलाव की जरूरत है तो उम्मीद है कि चयनकर्ता इस बात पर गौर करेंगे कि 2027 में फाइनल तक कौन खिलाड़ी टीम में रहेगा और उसके अनुसार चयन करेंगे।

घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करने वालों की गावस्कर ने की वकालत
इस दौरान गावस्कर ने किसी खिलाड़ी का नाम लिए बगैर कहा कि घरेलू क्रिकेट में कुछ खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और अब उन्हें उचित मौका देने की जिम्मेदारी चयनकर्ताओं पर है। उन्होंने कहा- जब तक उन्हें मौका नहीं दिया जाएगा तो हमें कैसे पता चलेगा कि रणजी ट्रॉफी में अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करेंगे?

नीतीश रेड्डी से प्रभावित हुए पूर्व बल्लेबाज
गावस्कर ने नीतीश कुमार रेड्डी जैसी प्रतिभा को सामने लाने के लिए चयन समिति की भी सराहना की। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत के जिन तीन बल्लेबाजों ने शतक लगाए उनमें रेड्डी भी शामिल थे। शतक लगाने वाले अन्य बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल और कोहली थे। उन्होंने कहा- नीतीश कुमार रेड्डी में क्षमता देखने और उसे टेस्ट टीम में चुनने के लिए अजीत अगरकर और उनकी टीम को बधाई।
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भारतीय गेंदबाजी पर भी बोले गावस्कर
गावस्कर ने गेंदबाजी के बारे में कहा कि भारत के पास पर्याप्त प्रतिभा है, जिसे अपेक्षित अवसर दिए जाने की जरूरत है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जसप्रीत बुमराह जैसे स्टार खिलाड़ी पर जरूरत से ज्यादा बोझ न पड़े। उन्होंने कहा- भारत के पास कई होनहार तेज गेंदबाज हैं जो मौके का इंतजार कर रहे हैं। बुमराह पर ज्यादा बोझ नहीं डाला जाना चाहिए और अगर अन्य गेंदबाज भी अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं तो हमारे पास एक ऐसा आक्रमण हो सकता है जो किसी भी परिस्थिति में मैच जीत सकता है।
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