ऑस्ट्रेलिया की टीम पहले ही सीरीज अपने कब्जे में कर चुकी है। भारतीय टीम के लिए आगामी टी20 सीरीज और टेस्ट सीरीज अपने तेज गेंदबाजों पर पड़ रहे कार्यभार का प्रबंधन करना है। ऐसे में बड़ी संभावना यही है कि दोनों तरफ से अंतिम एकादश में बदलाव होंगे। युवाओं के पास अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका है। भारतीय टीम लगातार पांच वनडे हार चुकी है। ऐसा पिछली बार जनवरी 2016 में हुआ था। विराट एंड कंपनी की कोशिश यहीं होगी कि सीरीज के अंतिम वनडे मैच में हार का दुष्चक्र तोड़ टी20 सीरीज में सकारात्मक सोच के साथ उतरे। पहले दो मैचों में ढेरों रन बने जिसमें ऑस्ट्रेलिया ने दबदबा बनाते हुए विराट कोहली की टीम के खिलाफ आसान जीत दर्ज की।
भारतीय टीम के गेंदबाजी आक्रमण में बदलाव लगभग तय है जिससे कि लगातार दूसरी शृंखला में क्लीन स्वीप से बचा जा सके। ऑस्ट्रेलिया अगर 3-0 से जीत दर्ज करने में सफल रहता है तो लगातार दूसरी सीरीज में भारत का सूपड़ा साफ होगा क्योंकि इस साल की शुरुआत में न्यूजीलैंड ने भी उसे इसी अंतर से हराया था। कप्तान कोहली पहले ही स्वीकार कर चुके हैं कि ऑस्ट्रेलिया ने पहले दो मैचों में उन्हें ‘पूरी तरह से पछाड़’ दिया और उम्मीद है कि जीत की तलाश में भारत कुछ बदलाव करेगा।
सैनी साबित हुए हैं खर्चीले
पहली बार ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर आए भारत के सबसे तेज गेंदबाज नवदीप सैनी अब तक सटीक लाइन और लेंथ से गेंदबाजी करने में नाकाम रहे हैं और मेजबान टीम के बल्लेबाजों ने उनके खिलाफ आसानी से रन जुटाए हैं। सैनी के सात ओवर में 70 रन लुटाने के बाद कोहली को हार्दिक पंड्या और मयंक अग्रवाल जैसे गेंदबाजों से उनका स्पैल पूरा कराना पड़ा। पंड्या गेंदबाजी करने के लिए पूरी तरह से फिट नहीं हैं जबकि अग्रवाल आम तौर पर गेंदबाजी नहीं करते।
स्पिनर भी नहीं चल रहे
तेज गेंदबाज अगर नाकाम रहे हैं तो स्पिनरों की विफलता ने भारत की मुसीबत को और बढ़ा दिया है। युजवेंद्र चहल पहले दो मैचों में सबसे महंगे गेंदबाज रहे। उन्होंने 19 ओवर में 160 रन लुटाए और सिर्फ एक विकेट हासिल कर सके। रविंद्र जडेजा ने रन गति पर कुछ अंकुश लगाया लेकिन गेंद को घुमाने को अधिक तरजीह नहीं देने के कारण एक भी विकेट हासिल नहीं कर पाए।
बुमराह-शमी को मिल सकता है आराम
तीसरे और अंतिम वनडे में अगर शार्दुल ठाकुर या बायें हाथ के तेज गेंदबाज टी नटराजन को मौका मिलता है तो हैरानी नहीं होगी। शार्दुल को 27 अंतरराष्ट्रीय मैचों का अनुभव है जबकि नटराजन को यॉर्कर फेंकने में सिद्धहस्त है। टी20 में उनका खेलना लगभग तय है। कोहली अगर टेस्ट सीरीज से पहले जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद शमी दोनों को आराम देने का फैसला करते हैं तो शार्दुल और नटराजन दोनों को खेलने का मौका मिल सकता है।
स्मिथ-मैक्सवेल पर अंकुश जरूरी
गेंदबाजों के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द आस्ट्रेलिया के स्टार बल्लेबाज स्टीव स्मिथ बने हुए हैं जिन्होंने लगातार दो मैचों में 62 गेंद में शतक जड़े। आईपीएल में नाकाम रहे ग्लेन मैक्सवेल ने भी अपनी तूफानी बल्लेबाजी से अंतर पैदा किया है जिससे ऑस्ट्रेलिया की टीम अंतिम ओवरों में ताबड़तोड़ रन बटोरने में सफल रही है। भारत की 66 और 51 रन की हार को देखते हुए उनकी पारियां अहम हो जाती हैं।
विराट और राहुल हैं लय में
बल्लेबाजी की बात करें तो कोहली और लोकेश राहुल दूसरे मैच में अच्छी लय में दिखे लेकिन राहुल दूसरे पावर प्ले के दौरान स्ट्राइक रोटेट करने में नाकाम रहे जो चिंता का सबब है। भारतीय बल्लेबाज हालांकि दोनों मैचों में ठीक ठाक प्रदर्शन करने में सफल रहे हैं और अगर गेंदबाजों का प्रदर्शन थोड़ा बेहतर होता है मेहमान टीम के पास मौका हो सकता था। भारतीय कप्तान को मैच के दौरान अपने गेंदबाजों के रोटेशन के कारण भी आलोचना का सामना करना पड़ा है। गौतम गंभीर और आशीष नेहरा जैसे पूर्व भारतीय क्रिकेटरों ने मुख्य गेंदबाज बुमराह को पहले स्पैल में सिर्फ दो ओवर देने के लिए उनकी आलोचना की थी।
कमिंस की जगह एबोट
वॉर्नर दूसरे मैच के दौरान सफेद गेंद की सीरीज से भी बाहर हो चुकी हैं। उनकी जगह डी आर्सी शॉर्ट या मैथ्यू वेड को उतारा जा सकता है। हो सकता है मानर्स लाबुशाने को ओपनिंग पर उतारा जाए। ऑलराउंडर कैमरून ग्रीन को वनडे पदार्पण का मौका मिल सकता हैं। पैट कमिंस को आराम दिया गया है तो गेंदबाज सीन एबोट आ सकते हैं। एबोट आते हैं तो वह 2014 के बाद पहला वनडे खेलेंगे।