भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में कंगारुओं ने भारत को चार विकेट से हराकर पांच मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। पहला टी20 बारिश के कारण रद्द हुआ था। भारत द्वारा दिए गए 126 रन के लक्ष्य को ऑस्ट्रेलिया ने 13.2 ओवर में छह विकेट खोकर हासिल कर लिया। इस हार के साथ ही भारतीय ऑलराउंडर शिवम दुबे और तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह के लंबे समय से चले आ रहे अपराजित रिकॉर्ड का सिलसिला भी थम गया।
टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे लंबी अपराजित लय की बात करें तो शिवम दुबे 37 मैचों तक अपराजित रहे थे, जो अब तक का सबसे लंबा रिकॉर्ड है। उनके बाद पैस्कल मुरुंगी (27 मैच), जसप्रीत बुमराह (24 मैच), मनीष पांडे (20 मैच) और मोहम्मद शहजाद (19 मैच) का नाम आता है। दुबे का पिछला हार वाला मैच दिसंबर 2019 में वेस्टइंडीज के खिलाफ तिरुवनंतपुरम में था, जबकि बुमराह आखिरी बार अक्तूबर 2021 में न्यूजीलैंड से दुबई में हारे थे।
टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे लंबी अपराजित लय
| खिलाड़ी | अपराजित मैचों की संख्या | अवधि |
|---|---|---|
| शिवम दुबे | 37 | 2019–2025 |
| पैस्कल मुरुंगी | 27 | 2022–2024* |
| जसप्रीत बुमराह | 24 | 2021–2025 |
| मनीष पांडे | 20 | 2018–2020* |
| मोहम्मद शहजाद | 19 | 2016–2021 |
भारत की ओर से अभिषेक शर्मा ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 37 गेंदों पर 68 रन बनाए। उनके अलावा केवल हर्षित राणा (35 रन) ही थोड़ी देर टिक सके। बाकी बल्लेबाज बुरी तरह विफल रहे, जिनमें से चार खिलाड़ी खाता तक नहीं खोल सके। ऑस्ट्रेलिया की ओर से जोश हेजलवुड ने तीन विकेट झटके, जबकि नाथन एलिस और जेवियर बार्टलेट को दो-दो विकेट मिले।
लक्ष्य का पीछा करते हुए कप्तान मिचेल मार्श (46) और ट्रेविस हेड (28) ने पहले विकेट के लिए 51 रन की साझेदारी की। इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने वापसी की कोशिश की, लेकिन मैच ऑस्ट्रेलिया के पक्ष में ही गया। बुमराह ने शानदार गेंदबाजी करते हुए लगातार दो गेंदों पर दो विकेट झटके, पर हैट्रिक से चूक गए। स्टोइनिस ने नाबाद छह रन बनाकर टीम को जीत दिलाई। भारत की ओर से बुमराह, कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती ने दो-दो विकेट लिए।
हालांकि हार के साथ दुबे और बुमराह की अपराजित लय खत्म हुई, लेकिन दोनों खिलाड़ियों का प्रदर्शन पिछले कुछ वर्षों में बेहतरीन रहा है। उन्होंने लगातार भारतीय टीम के लिए योगदान दिया और टी20 प्रारूप में भारत की सफलता में अहम भूमिका निभाई है।