भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का पांचवां और आखिरी मुकाबला सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में खेला जा रहा है। इस मैच के लिए भारतीय टीम में दो बदलाव किए गए हैं। टेस्ट में नियमित कप्तान रोहित शर्मा की जगह शुभमन गिल और आकाश दीप की जगह प्रसिद्ध कृष्णा को मौका दिया गया है। स्टैंड इन कैप्टन जसप्रीत बुमराह ने बताया कि रोहित ने इस मैच के लिए आराम करने का फैसला लिया है और उन्होंने एक उदाहरण साबित किया है। हालांकि, हिटमैन का न खेलना बहुत सारी अटकलों को उजागर करता है। क्या रोहित ने टेस्ट से संन्यास लेने का फैसला कर लिया है? क्या अब वह व्हाइट जर्सी में कभी खेलते नहीं दिखेंगे? यह तो समय ही बताएगा, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स में यह बात सामने आई है कि रोहित ने चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट को अपना फैसला सुना दिया है कि वह अब नहीं टेस्ट में नहीं खेलेंगे। रोहित ने उदाहरण साबित किया है कि टीम किसी खिलाड़ी के ओहदे से ज्यादा बड़ा है।
रोहित ने बनाया अनचाहा रिकॉर्ड
रोहित शर्मा
- फोटो : BCCI
हालांकि, रोहित ने एक अनचाहा रिकॉर्ड भी बनाया है। वह किसी द्विपक्षीय सीरीज के बीच में प्लेइंग-11 से ड्रॉप होने वाले भारत के पहले कप्तान हैं। इससे पहले कभी किसी भारतीय कप्तान को किसी भी सीरीज के बीच में टीम से ड्रॉप नहीं किया गया। हालांकि, ओवरऑल दुनिया भर के क्रिकेट में ऐसा कुल चार बार हो चुका है। रोहित से पहले पाकिस्तान के पूर्व कप्तान मिस्बाह उल हक, श्रीलंका के पूर्व कप्तान दिनेश चांदीमल और इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइक डेनेस प्लेइंग-11 से ड्रॉप हुए थे। सबसे पहली घटना 1974 एशेज में घटी थी, जब डेनेस ने सीरीज के चौथे टेस्ट से खुद को ड्रॉप करने का फैसला किया था। उनकी जगह जॉन एडरिच ने कप्तानी की थी। हालांकि, इसके बाद एडिलेड टेस्ट में डेनेस ने वापसी की थी और पहली पारी में अर्धशतक जमाया था। फिर सीरीज के छठे टेस्ट में मेलबर्न में उन्होंने 181 रन की पारी खेली थी और इंग्लैंड ने पारी से जीत हासिल की थी।
मिस्बाह और चांदीमल भी ड्रॉप हो चुके
रोहित शर्मा
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वहीं, 2014 में ऐसा दो बार हुआ था। 2014 में पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के बीच वनडे सीरीज के दौरान तीसरे मुकाबले में मिस्बाह ने खुद को ड्रॉप करने का फैसला किया था। फिर उनकी जगह शाहिद अफरीदी ने बागडोर संभाला था। इसी साल यानी 2014 टी20 विश्व कप के दौरान श्रीलंका के आखिरी तीन मैचों के लिए तब कप्तान रहे दिनेश चांदीमल ने खुद को ड्रॉप किया था और उनकी जगह लासिथ मलिंगा ने कमान संभाली थी। नतीजा यह हुआ कि मलिंगा की कप्तानी में श्रीलंकाई टीम चैंपियन बनी थी। हालांकि, टेस्ट में ऐसा 1974 के बाद पहली बार हुआ है यानी 51 साल बाद हुआ है। रोहित खराब फॉर्म में चल रहे। गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब उनकी जगह कोच गौतम गंभीर बातचीत के लिए आए थे, तभी से अटकलों का बाजार गर्म हुआ था। मीडिया ने उनसे पूछा भी कि रोहित नहीं आए तो क्या इसे उनका अंत माना जाए, तो गंभीर ने इसका जवाब अलग तरह से दिया था। उन्होंने कहा था कि यह कोई प्रथा नहीं है कि कप्तान ही प्रेस कॉन्फ्रेंस में आए। कोच बातचीत करने आया है और यह काफी है।
ऑस्ट्रेलिया दौरे पर खामोश रहा रोहित का बल्ला
रोहित शर्मा
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ऑस्ट्रेलिया के मौजूदा दौरे पर पर्थ में पहले टेस्ट से निजी कारणों से बाहर रहने के बाद रोहित ने एडिलेड में दूसरे टेस्ट से वापसी की थी। हालांकि, पूरे दौरे पर उनका बल्ला खामोश ही रहा है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जारी इस सीरीज के दूसरे टेस्ट से वापसी करने के बाद तीन मैचों की पांच पारियों में सिर्फ 31 रन बना पाए हैं। उन्होंने इस सीरीज में 9, 3, 10, 6 और 3 रन की पारियां खेली हैं। इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ पिछली टेस्ट सीरीज में वह तीन टेस्ट में महज 93 रन बना पाए थे। भारतीय टीम घर में न्यूजीलैंड से 3-0 से हार गया था। इसके अलावा हिटमैन कप्तानी में भी प्रभावित नहीं कर सके। मेलबर्न टेस्ट में उन्होंने शुभमन गिल को प्लेइंग 11 से बाहर किया गया था और यशस्वी जायसवाल के साथ ओपनिंग करने उतरे थे, जबकि तीसरे स्थान पर केएल राहुल बल्लेबाजी के लिए आए। इसके बाद रोहित की आलोचना भी हुई थी क्योंकि गिल पिछले कुछ मैचों में अच्छी फॉर्म में दिखे थे।
रोहित का फॉर्म खराब रहा
रोहित शर्मा
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उनकी कप्तानी में भारत न्यूजीलैंड के खिलाफ अपने घर में तीनों टेस्ट हारने के अलावा ऑस्ट्रेलिया में दो टेस्ट हार चुका है। यानी रोहित की कप्तानी में पिछले छह टेस्ट में भारत ने पांच टेस्ट गंवाए थे। एक टेस्ट ड्रॉ रहा था। रोहित पिछली 15 टेस्ट पारियों में 164 रन बना सके हैं। इसमें सिर्फ एक अर्धशतक शामिल है। इस दौरान रोहित की पारियां- 6, 5, 23, 8, 2, 52, 0, 8, 18, 11, 3, 6, 10, 3 (मेलबर्न टेस्ट की पहली पारी) और 9 (मेलबर्न टेस्ट की दूसरी पारी) रन की रही हैं। रोहित ने इस साल टेस्ट में 14 टेस्ट की 26 पारियों में 24.76 की औसत से 619 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने दो शतक और दो अर्धशतक लगाए। रोहित पहले ही टी20 से संन्यास ले चुके हैं, लेकिन अब उनके टेस्ट में जारी रहने पर भी सस्पेंस है। पठान ने कमेंट्री के दौरान कहा कि हो सकता है कि अब रोहित इस प्रारूप में जारी रहते न दिखें और संन्यास ले लें। सिडनी टेस्ट के बाद हर बात का जवाब मिल जाएगा।