ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज पीटर हैंड्सकॉम्ब ने गुरुवार को स्वीकार किया कि नागपुर की पिच ने मेहमान टीम को 'चकमा' दिया है। हैंड्सकॉम्ब का मानना है कि शुरुआती टेस्ट में उन्हें जितना स्पिन होने का डर था, गेंद उससे काफी कम टर्न हुई है। रवींद्र जडेजा (5/47) और रविचंद्रन अश्विन (3/42) ने अपने बीच आठ विकेट साझा किए ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी को 177 रन पर समेट दिया। ऑस्ट्रेलिया के कई बल्लेबाज खराब शॉट खेलकर आउट हुए। उनमें से कुछ ने टर्न के लिए खेला जब कि ऐसा नहीं था। पहले दिन स्टंप्स तक भारत का स्कोर एक विकेट पर 77 रन है।
हैंड्सकॉम्ब ने पहले दिन का खेल खत्म होने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा- पिच पर निश्चित रूप से बल्लेबाजी करना आसान नहीं था। यह कठिन है क्योंकि जब पिच ऐसी चाल चल रही होती है जो आपके दिमाग से भी खेलने लगती है। गेंद उतना हरकत नहीं करती है जितना आप करने की उम्मीद करते हैं और यही वह जगह है जहां आप चकमा खा जाते हैं। सीधी जा रही गेंद पर आप टर्न की उम्मीद करते हैं और आउट हो जाते हैं।
31 साल के हैंड्सकॉम्ब ने मैच में 31 रन बनाए। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम ने एक इकाई के रूप में वास्तव में अच्छी गेंदबाजी की और आसान रन नहीं दिए। हैंड्सकॉम्ब ने कहा- यह मुश्किल था। जडेजा स्पष्ट रूप से बहुत अच्छी गेंदबाजी कर रहे थे। वह हमारे बल्लेबाजों को हिट करने के लिए मौका नहीं दे रहे थे और मैंने उन्हें रन बनाने में मुश्किल पाया। हैंड्सकॉम्ब के लिए यह चार साल बाद टेस्ट टीम में वापसी थी और उन्होंने कहा कि वह फिर से सबसे लंबे प्रारूप में खेलकर अच्छा महसूस कर रहे हैं।
हैंड्सकॉम्ब ने कहा- मैंने अपने खेल पर, मानसिक रूप से, सामरिक रूप से और अपनी तकनीक पर बहुत सारी चीजों पर कड़ी मेहनत की है। कड़ी मेहनत करने के बाद टीम में वापसी की खुशी बहुत अच्छा अहसास है। मैं इस टेस्ट में खेलने का मौका पाने और ठीक ठाक बल्लेबाजी करने को लेकर आभारी हूं।