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चयन पर रार: घरेलू क्रिकेट में दम दिखाने वाले खिलाड़ियों को किया नजरअंदाज, टेस्ट टीम को लेकर क्यों घिरे अगरकर?

Fri, 22 May 2026 05:11 PM IST
शोभित चतुर्वेदी स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर की अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट के लिए टीम चयन को लेकर आलोचना हो रही है। पूर्व भारतीय कप्तान दिलीप वेंगसरकर और डोडा गणेश ने आकिब नबी का चयन नहीं करने पर अगरकर को आड़े हाथों लिया है।
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बीसीसीआई - फोटो : IANS
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विस्तार
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भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने हाल ही में अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट और तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम का एलान किया था। टेस्ट टीम में बड़े बदलाव नहीं हुए, लेकिन घरेलू क्रिकेट में दम दिखाने वाले खिलाड़ियों को नजरअंदाज किया गया। रणजी ट्रॉफी में दमदार प्रदर्शन करने वाले आकिब नबी, सरफराज खान और मोहम्मद शमी को टेस्ट टीम में जगह नहीं मिली, जबकि गुरनूर बराड़ को मौका दिया गया। 
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रणजी ट्रॉफी चयन का आधार नहीं?
  • बीसीसीआई द्वारा अक्सर सुनने को मिलता है कि टीम इंडिया में जगह बनाने के लिए खिलाड़ियों को घरेलू क्रिकेट खेलना होगा। 
  • घरेलू क्रिकेट में श्रेष्ठ प्रदर्शन ही खिलाड़ियों के लिए भारतीय टीम का दरवाजा खोलेगी। 
  • पुरुष चयन समिति ने रणजी ट्रॉफी (2025-26) में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले और विकेट लेने वाले खिलाड़ी को मौका देना तो दूर, उनके नाम की चर्चा तक करना मुनासिब नहीं समझा। 
  • बीसीसीआई भी रणजी के प्रदर्शन को टीम इंडिया में चयन का पैमाना मानती है, लेकिन अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट के लिए टीम इंडिया के चयन में बीसीसीआई ने रणजी ट्रॉफी (2025-26) में गेंद और बल्ले से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को नजरअंदाज किया है।

आकिब नबी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
आकिब को नहीं चुने जाने पर हो रहा विवाद
रणजी ट्रॉफी (2025-26) में जम्मू-कश्मीर के 29 साल के दाएं हाथ के तेज गेंदबाज आकिब नबी ने अपने प्रदर्शन से क्रिकेट प्रशंसकों और आलोचकों को प्रभावित किया था। जम्मू-कश्मीर को पहली बार रणजी ट्रॉफी का चैंपियन बनाने में यादगार और ऐतिहासिक भूमिका निभाने वाले नबी ने सीजन के 10 मैचों की 17 पारियों में 60 विकेट लिए थे। कुल 41 प्रथम श्रेणी मैचों में 156 विकेट ले चुके नबी को अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट के लिए टीम इंडिया में चयन का प्रबल दावेदार माना जा रहा था, लेकिन बीसीसीआई ने उन्हें मौका नहीं दिया। वहीं, कर्नाटक के बाएं हाथ के बल्लेबाज रविचंद्रन स्मरण रणजी ट्रॉफी में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे थे। स्मरण ने नौ मैच की 14 पारी में तीन बार नाबाद रहते हुए चार शतक और तीन अर्धशतक की मदद से 950 रन बनाए। उनका सर्वाधिक स्कोर नाबाद 227 था। स्मरण को भी अफगानिस्तान टेस्ट के लिए भारतीय टीम में जगह नहीं मिली है।

ऐसे ही सरफराज खान और मोहम्मद शमी लंबे समय से टेस्ट टीम से बाहर चल रहे हैं। मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने तो यहां तक कहा था कि शमी के चयन को लेकर कोई चर्चा भी नहीं हुई। सरफराज और शमी ने घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन किया। वहीं, गुरनूर बराड़ इतना प्रभावित भी नहीं कर सके थे। इसमें कोई दोराय नहीं है कि चयनकर्ताओं ने लगभग वही कोर टीम का चयन किया जो पिछले कुछ समय से खेलती आ रही है, लेकिन इन खिलाड़ियों का चयन नहीं होना थोड़ा हैरान करने वाला रहा। 
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अगरकर की हो रही आलोचना
टेस्ट टीम के चयन को लेकर अजीत अगरकर की आलोचना भी हो रही है। भारतीय टीम के पूर्व कप्तान दिलीप वेंगसरकर ने अगरकर की कड़ी आलोचना करते हुए बीसीसीआई से कहा कि अगर भारत के प्रमुख घरेलू लाल गेंद वाले टूर्नामेंट में प्रदर्शन पर विचार भी नहीं किया जाता है तो रणजी ट्रॉफी को ही समाप्त कर देना चाहिए। वेंगसरकर ने कहा, चयनकर्ताओं का आकिब को नजरअंदाज करने का फैसला सरासर बेतुका और समझ से परे है। ये किस तरह का चयन है? ये बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है। ये अन्याय है। क्या आप नबी की मौजूदा हालत की कल्पना कर सकते हैं? उन्होंने रणजी ट्रॉफी में 60 विकेट लिए। उन्होंने इसके लिए कड़ी मेहनत की है और वे बाकी सभी से आगे जगह पाने के हकदार हैं। यदि घरेलू क्रिकेट प्रदर्शन मानदंड नहीं है, तो बीसीसीआई को घरेलू क्रिकेट को समाप्त कर देना चाहिए।

वहीं, पूर्व खिलाड़ी डोडा गणेश ने भी आकिब को नहीं देने पर अगरकर को घेरा है। डोडा गणेश ने एक्स पर लिखा, आकिब नबी को टीम में न चुने जाने का कोई भी कारण मुझे संतुष्ट नहीं कर सकता। बेचारे ने दो सीजन तक जी-जान से गेंदबाजी की और रणजी ट्रॉफी में काफी विकेट लिए, लेकिन इस सीजन में सिर्फ दो मैच खेलने वाले खिलाड़ी के लिए उन्हें नजरअंदाज कर दिया गया।
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