टी-20 वर्ल्डकप 2021 में भारत ने अफगानिस्तान को 66 रन से हरा दिया। मैच में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए दो विकेट के नुकसान पर 210 रन बनाए। इसके जवाब में अफगानिस्तान 144 रन बना पाया। शुरुआती दो मैचों में खराब शुरुआत के बाद भारत ने इस मैच में अच्छी बल्लेबाजी की और भारत की ओपनिंग जोड़ी ने 140 रन जोड़े। इस टूर्नामेंट में यह पहला मौका है, जब कोई टीम 200 से ज्यादा का स्कोर बना पाई है। इससे पहले अफगानिस्तान ने स्कॉटलैंड के खिलाफ 190 रन बनाए थे। यहां हम बता रहे हैं कि किन वजहों से भारतीय टीम इस मैच में जीत हासिल कर पाई।
राहुल-रोहित की शतकीय साझेदारी ने रखी जीत की नींव
शुरुआती दो मैचों में खराब शुरुआत के बाद तीसरे मैच में भारतीय ओपनर लय में दिखे। राहुल और रोहित की जोड़ी ने शुरुआती छह ओवरों में 53 रन जोड़े और पावरप्ले का सही इस्तेमाल किया। 10 ओवरों में भारतीय टीम ने बिना कोई विकेट खोए 85 रन बना लिए थे। इसके बाद रोहित और राहुल दोनों ने अर्धशतक लगाए और पहले विकेट के लिए 140 रन जोड़े। यह टी-20 वर्ल्डकप में भारत के लिए सबसे बड़ी साझेदारी थी। रोहित ने 74 रन बनाए, जबकि राहुल ने 69 रनों की पारी खेली। भारत की ओपनिंग जोड़ी ने न सिर्फ तेजी से रन बनाए बल्कि विकेट भी बचाकर रखा। इसी वजह से बाद में ऋषभ पंत और हार्दिक पांड्या खुलकर बल्लेबाजी कर पाए और टीम इंडिया इस मैच में बड़ा स्कोर बना पाई।
राहुल और रोहित की शानदार शुरुआत के साथ ही भारत जीत की पटरी पर लौट चुका था और एक-एक करके सभी खिलाड़ी लय में लौट आए। पहले दोनों ओपनिंग बल्लेबाजों ने अर्धशतक लगाए, फिर पांड्या और पंत ने सही तरीके से पारी को खत्म किया। बड़े स्कोर का बचाव करते हुए तेज गेंदबाजों ने अफगानिस्तान को शुरुआती झटके दिए और बाद में स्पिन गेंदबाजों ने भी लगातार अंतराल में विकेट निकाले। अंत में भारतीय टीम यह मैच जीत गई, जो कि पिछले दो मैचों से नहीं हो रहा था।
बड़े लक्ष्य का दबाव नहीं झेल पाया अफगानिस्तान
211 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए अफगानिस्तान के बल्लेबाज दबाव में आ गए और शुरुआत से ही कई गलत शॉट खेले। इसी वजह से भारत को लगातार अंतराल पर विकेट मिलते रहे। अंत में अफगानिस्तान की टीम लक्ष्य का पीछा नहीं कर सकी। अफगानिस्तान के लिए सबसे बड़े साझेदारी 57 रनों की थी, जो मोहम्मद नबी और करीम जनत के बीच हुई। अफगानिस्तान के करीम जनत ने सबसे ज्यादा 42 रन बनाए।
डॉट गेंद की समस्या हुई दूर
न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच में टीम इंडिया ने 54 डॉट गेंदे खेली थी। इसी वजह से बल्लेबाजों पर ज्यादा दबाव बना था और गलत शॉट खेलकर कई खिलाड़ी आउट हुए थे। वहीं अफगानिस्तान के खिलाफ रोहित और राहुल ने पहले 10 ओवरों में भारतीय गेंदबाजों ने सिर्फ 14 डॉट गेंदें खेली। इस मैच में भारतीय टीम ने सिर्फ 25 डॉट गेंद खेली। इसी वजह से इस मैच में भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव नहीं बना और वो खुलकर बल्लेबाजी कर पाए।
हार्दिक ने फिनिश किया मैच
इस वर्ल्डकप में हार्दिक को एक फिनिशर के रूप में भारतीय टीम में शामिल किया गया था। अब तक वो अपेक्षाओं में खरे नहीं उतरे थे और भारत के लिए कोई मैच नहीं फिनिश किया था, लेकिन इस मैच में उन्होंने फॉर्म में वापसी की और ताबड़तोड़ 35 रन बनाए। इसके लिए उन्होंने सिर्फ 13 गेंदें ली और चार चौकों के साथ दो छक्के भी लगाए। वहीं पंत ने 13 गेंदों में 27 रन की पारी खेली। इस दौरान उन्होंने एक चौका और तीन छक्के लगाए।
गेंदबाजों ने पावरप्ले में विकेट निकाले
पिछले 16 मैचों में भारतीय गेंदबाज सिर्फ एक बार पावरप्ले में एक से ज्यादा विकेट ले पाए थे। इस वर्ल्डकप में भी भारतीय गेंदबाज पावरप्ले में सिर्फ एक ही विकेट चटका पाए थे। हालांकि इस मैच में मोहम्मद शमी और जसप्रीत बुमराह ने शुरुआती चार ओवरों में ही अफगानिस्तान के दोनों ओपनिंग बल्लेबाजों को आउट कर दिया। इसके अलावा इस मैच में स्पिन गेंदबाजों ने भी विकेट लिए। इस टूर्नामेंट में यह पहला मौका था, जब भारत के किसी स्पिनर को विकेट मिला। जडेजा ने अपने पहले ही ओवर में विकेट निकाला, जबकी अश्विन को दूसरे ओवर में विकेट मिला।
कप्तान कोहली ने गलतियां सुधारी
पिछले मैच में इशान किशन से पारी की शुरुआत कराने वाले विराट ने इस मैच में पारी की शुरुआत रोहित-राहुल से कराई। यह फैसला सही साबित हुआ। बाद में जब तेजी से बल्लेबाजी करने की जरूरत थी, तब उन्होंने अपनी जगह पंत और हार्दिक को बल्लेबाजी करने भेजा। इसी वजह से भारत ने अफगानिस्तान के सामने 211 रनों का लक्ष्य रखा। वहीं गेदबाजी करते समय उन्होंने शुरुआती चार ओवर बुमराह और शमी से कराए। इसी वजह से पावरप्ले में भारत ने दो विकेट लिए।
स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन
अफगानिस्तान के स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ शुरुआत से ही भारतीय बल्लेबाजों ने अच्छी बल्लेबाजी की। पहले दो मैचों में भारत ने स्पिन गेंदबाजों के 16 ओवर खेले थे और सिर्फ तीन बाउंड्री लगाई थी। वहीं इस मैच में शुरुआती दो ओवरों में रोहित और राहुल चार बाउंड्री लगा चुके थे। इसके बाद राशिद खान के खिलाफ भी भारत ने आसानी से रन बटोरे और उनके चार ओवरों में 36 रन बनाए। इस दौरान उन्हें कोई विकेट भी नहीं मिला।
सपाट पिच का मिला फायदा
भारत ने अपने शुरुआती दोनों मैच दुबई की पिच पर खेले थे, जहां पहली पारी में बल्लेबाजी करने में परेशानी होती थी। अबू धाबी की पिच में ऐसा नहीं था और शुरुआत से ही भारतीय बल्लेबाजों ने आसानी से बड़े शॉट लगाए। इसी वजह से टीम इंडिया इस मैच में अच्छा स्कोर बना पाई। वहीं पाकिस्तान और न्यूजीलैंड की तुलना में अफगानिस्तान के गेंदबाज उतने अनुभवी नहीं थे और राशिद के अलावा किसी गेंदबाज में भारतीय टीम को परेशान करन की क्षमता नहीं दिखी। अफगानिस्तान के लिए मुजीब उर रहमान यह मैच नहीं खेले और भारत को इसका भी फायदा मिला। वहीं बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए अफगानिस्तान के बल्लेबाज दबाव में आए और उन्होंने जल्दी विकेट गंवाए। इसी वजह से वो लक्ष्य का पीछा नहीं कर पाए।