ऑस्ट्रेलिया की अनुभवी खिलाड़ी एलिसा हीली ने माना है कि रिकॉर्ड आठवीं बार विश्व कप जीतने के लिए उनकी टीम को भारतीय उपमहाद्वीप में स्पिन गेंदबाजों की चुनौती से बड़े पैमाने पर निपटना होगा। महिला विश्व कप का आयोजन अगले महीने भारत और श्रीलंका में होगा। इस विश्व कप में गत चैंपियन ऑस्ट्रेलिया की स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज पर सबकी निगाहें होंगी।
हीली की तूफानी पारी
हीली ने भारत ए के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया ए का प्रतिनिधित्व करते हुए तीन मैचों की सीरीज के आखिरी वनडे में नाबाद 137 रन की पारी के साथ लय में वापसी की। उनकी इस पारी से टीम सांत्वना जीत दर्ज करने में सफल रही। हीली ने सलामी बल्लेबाज की भूमिका निभाते हुए सबसे ज्यादा रन बनाए।
स्पिनर्स की तारीफ
हीली ने सीरीज के दूसरे मैच में भी 91 रन की पारी खेली थी। वह अनुभवी स्पिनरों से सजी भारत ए के गेंदबाजों से निपटने में काफी सफल रहीं। भारत ए की टीम में राधा यादव, मिन्नु मणि, तनुजा कंवर और प्रेमा रावत जैसी स्पिनर शामिल थीं। प्रेमा तीसरे वनडे की अंतिम एकादश का हिस्सा नहीं थी। हीली ने क्रिकेट डॉट कॉम डॉट एयू से कहा, 'भारत ए की इस की टीम में स्पिनरों की भरमार है। हमें आगामी विश्व कप में भी इसी तरह की टीमों का सामना करना पड़ेगा। वहां भी बीच के ओवरों में स्पिन का ही दबदबा रहेगा।'
आखिरी मैच में क्या हुआ?
ऑस्ट्रेलिया ए की महिला टीम ने भारत ए की महिला टीम को तीसरे और आखिरी वनडे मुकाबले में नौ विकेट से हरा दिया। तीन मैचों की इस सीरीज में यह ऑस्ट्रेलिया की पहली जीत है। भारत ने शुरुआती दो मुकाबले जीते थे, यही वजह है कि टीम ने 2-1 से सीरीज अपने नाम कर ली। रविवार को ब्रिस्बेन में खेले गए अंतिम वनडे मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने 47.4 ओवर में 10 विकेट पर 216 रन बनाए। जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने 27.5 ओवर में एलिसा हीली की 137 रनों की नाबाद पारी के दम पर 222 रन बनाए और 133 गेंदों के शेष रहते मुकाबला अपने नाम कर लिया।