शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों के शानदार प्रदर्शन के दम पर दक्षिण अफ्रीका ए ने नियमित टेस्ट गेंदबाजों से सजी भारत ए टीम को दूसरे चार दिवसीय मैच के चौथे दिन पांच विकेट से हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की। यह ए टीमों के बीच लक्ष्य का पीछा करते हुए हासिल किया गया सबसे बड़ा स्कोर रहा। दक्षिण अफ्रीका ए ने चौथे दिन की शुरुआत 25 रन बिना किसी नुकसान के से की और 417 रन के विशाल लक्ष्य को तीन ओवर शेष रहते ही पांच विकेट पर पूरा कर लिया।
गेंदबाजों को नहीं मिली खास मदद
जॉर्डन हरमन (91, 123 गेंद), लेसेगो सेनोक्वाने (77, 174 गेंद), टेम्बा बावुमा (59, 101 गेंद), जुबैर हमजा (77, 88 गेंद) और कॉनर एस्टरहुइजन (नाबाद 52, 54 गेंद) ने शानदार अर्धशतक जड़ते हुए टीम को जीत की मंजिल तक पहुंचाया। दक्षिण अफ्रीका ए को चौथे दिन जीत के लिए 392 रन की दरकार थी। हरमन और सेनोक्वाने ने पारी की शानदार शुरुआत करते हुए पहले विकेट के लिए 258 गेंदों में 156 रन जोड़कर भारत के गेंदबाजों को निराश कर दिया। पहले सत्र में ही टीम ने बिना किसी नुकसान के 139 रन बना लिए थे। भारी रोलर के इस्तेमाल से पिच सपाट हो गई थी, जिससे गेंदबाजों को कोई खास मदद नहीं मिली।
आकाश दीप और सिराज ने किए भरसक प्रयास लेकिन..
लंच के बाद प्रसिद्ध कृष्णा ने हरमन को रिटर्न कैच पर आउट किया, जबकि सेनोक्वाने हर्ष दुबे की गेंद पर एलबीडब्ल्यू आउट हुए। इसके बाद जुबैर हमजा और तेम्बा बावुमा ने तीसरे विकेट के लिए 107 रन की साझेदारी कर भारत की वापसी की उम्मीदों को खत्म कर दिया। आकाश दीप ने हमजा को बोल्ड कर साझेदारी तोड़ी, जबकि मोहम्मद सिराज ने मार्क्स एकरमैन (24) को आउट कर थोड़ी उम्मीद जगाई। बावुमा ने संयमित बल्लेबाजी जारी रखी, लेकिन वह भी 90वें ओवर में आकाश दीप की गेंद पर साई सुदर्शन को कैच दे बैठे।
टीम को जीत के लिए तब 65 रन की जरूरत थी, जिसे एस्टरहुइजन (नाबाद 52) और तियान वान वुरेन (नाबाद 20) ने महज 52 गेंदों में जोड़कर दक्षिण अफ्रीका ए को ऐतिहासिक जीत दिला दी। भारतीय टीम भले ही इस मैच में हार गई हो, लेकिन इस मुकाबले से कुछ सकारात्मक पहलू भी सामने आए। ऋषभ पंत ने चोट से उबरकर प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में सफल वापसी की, जबकि ध्रुव जुरेल ने दोनों पारियों में शतक लगाकर अपनी क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया।