ऋतुराज गायकवाड़ के नेतृत्व में भारत की युवा टीम तीन अनौपचारिक टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर गई है। आज मकॉय में पहले टेस्ट की शुरुआत हुई, जिसमें भारत ए का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा। पहली पारी में टीम इंडिया 107 रन पर ऑलआउट हो गई। इस दौरान कंगारूओं के एक गेंदबाज ने भारतीयों पर जमकर हमला किया।
तीन बल्लेबाज शून्य पर आउट
भारत ए और ऑस्ट्रेलिया ए के बीच पहले अनौपचारिक टेस्ट की शुरुआत आज से हुई है। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर पाई। पहली ही पारी में उन्हें तगड़े झटके लगे। टीम के तीन बल्लेबाज खाता खोले बिना ही पवेलियन लौट गए। इनमें कप्तान ऋतुराज गायकवाड़, नितीश कुमार रेड्डी और प्रसिद्ध कृष्णा शामिल हैं।
डोगेट बने मुसीबत
ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए भारतीय टीम में चुने गए अभिमन्यु ईश्वरन और नीतीश कुमार रेड्डी को उछाल भरी पिच पर संघर्ष करना पड़ा। वहीं, ऑस्ट्रेलिया ए के तेज गेंदबाज ब्रेंडन डोगेट ने 11 ओवरों में 15 रन देकर छह विकेट लेकर अपने प्रथम श्रेणी करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। पिच से कितनी उछाल और मूवमेंट मिल रहा था, इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि विकेटकीपर जोश फिलिप्स ने पांच कैच लपके।
बुरी तरह बिखरी भारतीय टीम
भारत के केवल तीन बल्लेबाज ही दोहरे अंक में पहुंचे। इनमें देवदत्त पडिक्कल ने सर्वाधिक 36 रन का योगदान दिया। ऑस्ट्रेलिया ए की टीम ने पहले दिन का खेल समाप्त होने तक चार विकेट पर 99 रन बनाए थे। भारत की तरफ से मुकेश कुमार (30 रन लेकर दो विकेट) और प्रसिद्ध कृष्णा (18 रन दे कर दो विकेट) ने दो-दो विकेट हासिल किए हैं। भारतीय टीम को अगर इस चार दिवसीय मैच में वापसी करनी है तो पहले उसके गेंदबाजों को ऑस्ट्रेलिया की टीम को कम स्कोर पर रोकना होगा और फिर उसके बल्लेबाजों को दूसरी पारी में अच्छा प्रदर्शन करना होगा।
इन खिलाड़ियों पर टिकी निगाहें
इस मैच में सभी की निगाहें ईश्वरन और नीतीश पर टिकी हैं। इन दोनों को 22 नवंबर से ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाली पांच टेस्ट मैच की सीरीज के लिए भारतीय टीम में चुना गया है। इन दोनों ने हालांकि पहली परीक्षा में निराश किया। ईश्वरन (07) ने जहां जॉर्डन बकिंघम की ऑफ स्टंप से बाहर जाती गेंद पर विकेटकीपर को कैच दिया वहीं नीतीश खाता भी नहीं खोल पाए और डोगेट की उछाल लेती गेंद पर आउट होकर पवेलियन लौटे।
संघर्ष करते दिखे मेजबान बल्लेबाज
भारत के अन्य बल्लेबाजों की भी यही स्थिति थी। साईं सुदर्शन (21) और नवदीप सैनी (23) भारत की तरफ से दोहरे अंक में पहुंचने वाले अन्य बल्लेबाज थे। ऑस्ट्रेलिया के लिए भी खबर अच्छी नहीं रही। सलामी बल्लेबाज के रूप में राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने के तीन दावेदार सैम कोन्स्टास (00), कैमरून बैनक्रॉफ्ट (00) और मार्कस हैरिस (17) अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए।