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मेहनत पर किस्मत भारी: आंकड़ों में जानें आईपीएल में टॉस कितना अहम, बीते सात मैचों के नतीजे भी आपको चौंकाएंगे

Fri, 01 Apr 2022 06:49 PM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

मैच में टॉस की अहमियत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि टॉस जीतने वाली टीम के मैच जीतने की संभावना विपक्षी टीम के मुकाबले 10 प्रतिशत बढ़ जाती है, भले वह टीम कमजोर क्यों न हो।
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आईपीएल 2022 - फोटो : IPL/BCCI
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विस्तार
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आईपीएल धीरे-धीरे  मेहनत से ज्यादा किस्मत का खेल बनता जा रहा है। 'टॉस जीतो मैच जीतो' की नीति खिलाड़ियों की  मेहनत पर भारी पड़ रही है। इस सीजन टॉस जीतने वाली ज्यादातर टीमों ने बाद में बल्लेबाजी का फैसला लिया और इसमें से 85 फीसदी मैचों में रन चेज करने वाली टीम जीती। सिर्फ इसी सीजन नहीं आईपीएल 2022 से पहले छह सीजन में भी ऐसा ही हुआ था। तो क्या अब अच्छा खेलने से ज्यादा आईपीएल में टॉस जीतना ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है? आइए आंकड़ों में जानते हैं...
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टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी का फैसला लेती है - फोटो : IPL/BCCI
आईपीएल 2016 से लेकर आईपीएल 2021 तक के रिकॉर्ड पर गौर किया जाए तो टॉस जीतकर बाद में बल्लेबाजी करने वाली टीमों की जीत की उम्मीदें 40 फीसद बढ़ जाती हैं। 2016 से लेकर 2021 तक लीग के छह सीजन में कुल 364 मैच खेले गए। इसमें पहले बल्लेबाजी करने वाली टीमों को 150 मैचों में जीत मिली। वहीं, बाद में बल्लेबाजी करने वाली टीमों को 214 मैचों में जीत हासिल हुई।

मैच जीतने की संभावनाओं में 40 प्रतिशत इजाफा होने की  वजह से यह खेल क्रिकेट के उस मूल सिद्धांत के खिलाफ जाता है जिसमें कहा जाता है कि क्रिकेट स्किल पर आधारित है। टॉस से पहले यह सब जानते होते हैं कि इसे जीतने वाला कप्तान पहले गेंदबाजी का ही फैसला लेगा। इस दौरान दोनों कप्तान अपनी किस्मत के सहारे होते हैं। 

आईपीएल 2022 - फोटो : IPL/BCCI
पूर्व भारतीय क्रिकेटर सबा करीम कहते हैं- यह चलन काफी चौंकाने वाला है। पावर हिटर्स की मौजूदगी से सभी टीमों को अपनी रणनीति पर फिर से काम करने के लिए प्रेरित किया है। वह मैच से पहले सोचते हैं कि उनकी टीम के पास नंबर पांच या नंबर छह पर कोई पावर हिटर है या नहीं। ऐसे में उनके लिए चेज करना आसान हो जाता है और वह पहले गेंदबाजी चुनते हैं।  इस फॉर्मेट में अब बाद में बल्लेबाजी करने वाली टीमों के पास जीत दर्ज करने का ज्यादा मौका होता है।

एक स्पोर्ट्स वेबसाइट के स्टैट्स एडिटर एस राजेश कहते हैं- बाद में बल्लेबाजी करने के फैसले में ओस की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही है। अगर आप पिछले कुछ सीजन खासकर 2019 और 2021 को देख रहे हैं, तो टीम को पहले गेंदबाजी करने का काफी फायदा हुआ। पहले पांच से सात ओवर तक गेंद सूखी रहती है और गेंदबाजी करना आसान होता है। वहीं, बाद में ओस की वजह से गेंद गीली हो जाने पर उस पर ग्रिप बनाना मुश्किल होता है।

2016 से 2021 तक पहले गेंदबाजी का फैसला लेते हैं कप्तान - फोटो : twitter @ipl
मैच में टॉस की अहमियत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि टॉस जीतने वाली टीम के मैच जीतने की संभावना विपक्षी टीम के मुकाबले 10 प्रतिशत बढ़ जाती है, भले वह टीम कमजोर क्यों न हो। उदाहरण के तौर पर यदि टॉस से पहले 'टीम ए' बनाम 'टीम बी' के जीतने की संभावना 55% : 45% है और 'टीम बी' टॉस जीतती है, तो मैच का झुकाव टीम बी की तरफ 45% : 55% में बदल जाता है। यदि मैच से पहले संभावना 65% : 35% है और अगर टीम बी टॉस जीत जाती है, तो यह 55% : 45% में बदल जाता है।

इससे पता चलता है कि हर टीम टॉस से मैच पर पड़ने वाले प्रभाव से वाकिफ है। आईपीएल 2016 से लेकर आईपीएल 2021 तक टॉस जीतने वाले 76 फीसद कप्तानों ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया। इतना ही नहीं अब पहले बल्लेबाजी करने वाली टीमों के लिए 170-190 का टारगेट सेट करना भी मायने नहीं रखता है। पहले बल्लेबाजी करने वाली टीमें 200 प्लस का लक्ष्य देने की कोशिश करती हैं। 

टॉस जीतने वाले कप्तानों के जीत के चांसेस बढ़ जाते हैं - फोटो : IPL/BCCI
टॉस जीतो  मैच जीतो वाली प्रक्रिया नई है, क्योंकि 2016 से पहले यानी 2008 से 2015 तक बाद में बल्लेबाजी करने वाली टीमों ने 50 फीसद मैच जीते थे। इतना ही नहीं आईपीएल 2008 से 2015 तक पहले या बाद में बल्लेबाजी करने से कोई खास फर्क नहीं पड़ता था। टॉस जीतने वाले कप्तानों ने भी 50 फीसद मैचों में पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था, जो कि आज के परिदृश्य से बिलकुल अलग है।

आईपीएल 2022 में अब तक सात में से छह  मैचों में बाद में बल्लेबाजी करने वाली टीमों ने मैच जीते हैं। सिर्फ राजस्थान रॉयल्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच खेले गए सीजन के पांचवें मैच में पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम (राजस्थान) ने जीत हासिल की थी। वहीं, सातों के सातों मैच में टॉस जीतने वाले कप्तान ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया।
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आईपीएल 2022 - फोटो : IPL/BCCI
ऐसे में क्या किया जाए? इसका समाधान क्या हो सकता है? क्या सिर्फ किस्मत के सहारे कप्तान आईपीएल में उतरेंगे? एक संभावना यह है कि आईपीएल में एक टीम दूसरे टीम के खिलाफ दो मैच खेलती है। ऐसे में पहला मैच टॉस के साथ तय हो, वहीं दूसरे मैच में जो कोई टॉस न हो। पहले मैच में टॉस हारने वाली टीम को दूसरे मैच में टॉस जीता हुआ माना जाए और वह तय करे कि उन्हें पहले गेंदबाजी करनी है या बल्लेबाजी। ऐसा होना बेहद मुश्किल है, क्योंकि यह क्रिकेट के मूलभूत नियमों के खिलाफ होगा।
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