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IND vs SA: 'वर्कलोड मैनेज करना है तो IPL छोड़ दें', शुभमन गिल को मिला सीधा संदेश, कप्तानी और फॉर्म पर उठे सवाल

Fri, 21 Nov 2025 11:59 AM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी

सार

क्रिकेट फैंस और टीम मैनेजमेंट की नजरें इस बात पर हैं कि क्या शुभमन गुवाहाटी टेस्ट के लिए फिट होकर वापसी करेंगे या नहीं, क्योंकि कोलकाता टेस्ट में उनकी कमी साफ महसूस हुई।
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शुभमन गिल - फोटो : ANI
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विस्तार
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भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच चल रही टेस्ट सीरीज के दौरान शुभमन गिल की गर्दन की चोट ने एक बार फिर उनके वर्कलोड मैनेजमेंट पर बहस छेड़ दी है। कोलकाता टेस्ट की दूसरी पारी में चोट के कारण मैदान से बाहर रहने वाले गिल की गैरमौजूदगी भारत को भारी पड़ी, क्योंकि टीम 124 रन का आसान लक्ष्य भी हासिल नहीं कर सकी।
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टीम इंडिया के बॉलिंग कोच मोर्ने मोर्केल ने कहा कि चोट वर्कलोड की वजह से नहीं बल्कि शायद खराब नींद की वजह से हुई, लेकिन विवाद यहीं खत्म नहीं हुआ। शुभमन पिछले कई महीनों से लगातार तीनों क्रिकेट प्रारूपों में खेल रहे हैं और आईपीएल में गुजरात टाइटंस की कप्तानी भी संभाल रहे हैं।

आकाश चोपड़ा की बेबाक राय
पूर्व भारतीय ओपनर आकाश चोपड़ा ने शुभमन गिल के मामले में साफ और तीखी राय रखी। उन्होंने कहा, 'अगर आपको वर्कलोड मैनेजमेंट चाहिए तो आईपीएल छोड़ दें। अगर कप्तानी का दबाव है तो कप्तानी मत करो।' उनके मुताबिक क्रिकेट में फॉर्म एक कीमती चीज है और खिलाड़ी को जितना संभव हो उतना खेलना चाहिए, क्योंकि खराब फॉर्म कब आएगा, कोई नहीं जानता। चोपड़ा ने यह भी कहा कि शुभमन को अपनी मौजूदा फॉर्म का पूरा फायदा उठाना चाहिए और हर उपलब्ध मैच खेलना चाहिए।

'अच्छा समय है तो खेलो जितना खेल सकते हो'
आकाश चोपड़ा ने आगे कहा कि जब खिलाड़ी फिट हो और मानसिक रूप से थका हुआ न हो, तो मैचों से पीछे हटना गलत है। उन्होंने तर्क दिया, 'जब सूरज चमक रहा है, तब घास काटनी चाहिए, मतलब जब आपका प्रदर्शन बढ़िया चल रहा है तो जितना खेल सकें, खेलें।' उन्होंने शुभमन को सलाह दी कि वे वर्कलोड मैनेजमेंट की बात टीम इंडिया के स्तर पर ही रखें, न कि आईपीएल के दौरान।

कोहली का उदाहरण: बिना ब्रेक के खेलना
शुभमन की तुलना विराट कोहली से करते हुए चोपड़ा ने कहा, 'विराट कोहली ने अपने शुरुआती वर्षों में तीनों फॉर्मेट खेले, कभी ब्रेक नहीं लिया और उनकी तीव्रता कभी कम नहीं हुई।' चोपड़ा के अनुसार गिल भी उसी रास्ते पर बढ़ रहे हैं और उन्हें इसी प्रक्रिया को बनाए रखना चाहिए।
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कप्तानी छोड़ने का सुझाव भी आया सामने
आकाश चोपड़ा की राय है कि अगर कप्तानी का दबाव शुभमन के प्रदर्शन को प्रभावित कर रहा है तो कप्तानी छोड़ देना बेहतर होगा, लेकिन वर्कलोड की वजह से अंतरराष्ट्रीय मैच खेलना छोड़ना नहीं। अब क्रिकेट फैंस और टीम मैनेजमेंट की नजरें इस बात पर हैं कि क्या शुभमन गुवाहाटी टेस्ट के लिए फिट होकर वापसी करेंगे या नहीं, क्योंकि कोलकाता टेस्ट में उनकी कमी साफ महसूस हुई।
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