मुल्तान का सुल्तान के नाम से जाने जाने वाले टीम इंडिया के पूर्व विस्फोटक सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने सोमवार को मेरठ में एक बड़ा खुलासा किया। सहवाग ने कहा कि अगर कोच के चयन में विराट कोहली की चलती तो मैं टीम इंडिया का कोच होता।
सहवाग ने कहा, कप्तान भले ही टीम का सर्वेसर्वा होता है वाबजूद इसके कई मामलों में उसकी भूमिका केवल राय देने वाली होती है। शायद इसी वजह से विराट के समर्थन के बावजूद वह टीम इंडिया के कोच नहीं बन पाए। अनिल कुंबले ने कप्तान कोहली के बीच कथित विवाद के बाद टीम के मुख्य कोच पद छोड़ने के लिए मजबूर हो गए थे। इसके बाद नए सिरे से शुरू हुई कोच पद की रेस में सहवाग भी शामिल हो गए। इसके बाद बीसीसीआई की सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण की तीन सदस्यीय क्रिकेट सलाहकार समिति ने रवि शास्त्री को टीम का नया कोच चुना।
हालांकि सहवाग अंत में रवि शास्त्री से पिछड़ गए। सहवाग ने कहा, ‘कोच और चयन में कप्तान की भूमिका हमेशा राय देने वाली रही है। विराट कोहली चाहते थे कि मैं भारतीय टीम का कोच बनूं। जब कोहली ने संपर्क किया तभी मैंने आवेदन किया, लेकिन मैं कोच नहीं बन सका। ऐसे में आप कैसे कह सकते हैं कि हर फैसले में कप्तान की चलती है।