आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग में फंसे टीम इंडिया के पूर्व तेज गेंदबाज एस. श्रीसंथ की याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को स्थगित कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट अब उनकी याचिका पर अगले साल जनवरी के तीसरे सप्ताह में सुनवाई करेगा।
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इस फैसले से हतास श्रीसंथ ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड द्वारा स्पॉट फिक्सिंग के आरोप में उस पर लगाया गया आजीवन प्रतिबंध बहुत ही कठोर है। उसका कहना है कि उसके पास इंग्लिश काउंटी में मैच खेलने के प्रस्ताव हैं।
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श्रीसंथ का कहना है कि अब तक वह चार साल से प्रतिबंध का सामना कर रहा है। हालांकि 2013 के सनसनीखेज स्पॉट फिक्सिंग मामले में 2015 में उसे दिल्ली की एक अदालत बरी कर चुकी है।
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श्रीसंथ ने कहा कि जब 2000 के मैच फिक्सिंग प्रकरण में आजीवन प्रतिबंध का सामना कर रहे क्रिकेटर से राजनीतिक बने मोहम्मद अजहरुद्दीन के मामले में इसे बदला जा सकता है तो फिर उसके ऊपर लगा प्रतिबंध क्यों नहीं निरस्त किया जा सकता।
आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने आठ नवंबर, 2012 को अपने फैसले में अजहरुद्दीन पर लगे आजीवन प्रतिबंध को गैरकानूनी करार देते हुए कहा था कि कानून की विवेचना में यह कहीं नहीं टिक सकेगा।