क्रिकेट के सबसे धनी बोर्ड बीसीसीआई के आगे एक बार फिर आईसीसी को घुटने टेकने पड़े हैं। क्रिकेट की सर्वोच्च नियामक संस्था आईसीसी टेस्ट क्रिकेट में टू-टीयर फॉर्मेट चाहता था, लेकिन भारतीय क्रिकेट बोर्ड इसके पक्ष में नहीं था।
फिर बीसीसीआई की जिद के आगे आईसीसी को अपना टू-टीयर टेस्ट का प्रपोजल वापस लेना पड़ा। भारत को इस मामले में श्रीलंका, बांग्लादेश और जिम्बाब्वे का समर्थन मिला। मुख्य कार्यकारी कमेटी की दो दिन की मीटिंग के बाद दुबई में यह फैसला लिया गया।
आईसीसी अब इसे नए सिरे से देखेगी। बीसीसीआई के अध्यक्ष अनुराग ठाकुर इस प्रस्ताव के बड़े आलोचक रहे हैं। उन्होंने इस फैसले को उन देशों के लिए खराब और बुरा बताया जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं। ऐसे देशों ने इस फैसले का स्वागत किया है। अध्यक्ष अनुराग ठाकुर का कहना है कि मौजूदा फॉर्मेट के चलते क्रिकेट को नुकसान नहीं होने वाला।