1983 वर्ल्डकप की ट्रॉफी कई मायनों में भारतीयों के लिए खास है।
- फोटो : सोशल मीडिया
1983 वर्ल्डकप में भारत को पहली ट्रॉफी दिलाने वाली टीम इंडिया इस समय खूब चर्चा में है। इसकी वजह है 83 फिल्म। इस फिल्म में इसी वर्ल्डकप की कहानी दिखाई गई है। इस बीच आईसीसी ने भी कपिल की कप्तानी वाली उस भारतीय टीम की तारीफ की है, जिसने देश के लिए पहला वर्ल्डकप जीता था। भारत ने इस टूर्नामेंट में वेस्टइंडीज का दबदबा खत्म करते हुए जीत हासिल की थी। कपिल ने 24 साल की उम्र में टीम इंडिया की कप्तानी करते हुए विश्वकप अपने नाम किया था।
आईसीसी ने यह वीडियो शेयर करते हुए लिखा "वैश्विक स्तर पर जीत हासिल करना, अपना पहला वर्ल्डकप जीतना निश्चित रूप से सब कुछ बदलने वाला था। और इसी ने क्रिकेट को एक लोकप्रिय खेल से एकमात्र खेल बनने में मदद की। 1983 में भारतीय क्रिकेट हमेशा के लिए बदल गया।"
दिग्गजों ने बताया कैसा खेले थे कपिल देव
आईसीसी ने जो वीडियो शेयर किया है, वह कपिल देव के जन्मदिन पर बनाया गया था, जिसमें यह दिखाया गया है कि उन्होंने कैसे पूरे टूर्नामेंट में गेंदबाजी और बल्लेबाजी की। इस समय के कई दिग्गजों ने कपिल के प्रदर्शन को याद कर उनकी तारीफ की है। आठ मिनट के इस वीडियो में ड्रेक प्रिंजल, मार्क निकोलस और जोनाथन लिव जैसै लोगों ने कपिल के प्रदर्शन पर टिप्पणी की है।
भारत ने खत्म किया वेस्टइंडीज का दबदबा
1983 वर्ल्डकप में भारत दुनिया की दूसरी टीम बना था, जिसने विश्वकप का खिताब अपने नाम किया था। इससे पहले सिर्फ वेस्टइंडीज की टीम ही यह खिताब जीत रही थी। इस समय पर भारतीय खिलाड़ियों को अभाव में रहकर खेलना पड़ता था। इसके बावजूद पूरी टीम ने अच्छा प्रदर्शन किया और खिताब अपने नाम किया।
भारत में कैसे उभरा क्रिकेट
1983 वर्ल्डकप में भारत की जीत के बाद क्रिकेट टीम को खूब सम्मान और प्यार मिला। हालांकि इस समय तक बीसीसीआई के पास ज्यादा पैसे नहीं होते थे। ऐसे में वर्ल्डकप जीतने वाली टीम को दो लाख रुपये देने की बता हुई थी। बाद में लता मंगेशकर का शो आयोजित कराकर खिलाड़ियों को एक-एक लाख रुपये दिए गए। इसके बाद भारतीय दर्शकों की रुचि क्रिकेट की तरफ बढ़ी और इस खेल में जमकर पैसा आने लगा। अब क्रिकेट भारत में लोकप्रिय खेल है और बीसीसीआई दुनिया का सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड बन चुका है।